BJP Amit Shah

अमित शाह को बीजेपी के अंदर और मीडिया जगत में चाणक्य की उपाधि दी गई है. हालांकि चाणक्य के नाम पर अमित शाह क्या करते हैं, मीडिया में जिस तरीके से बताया जाता है वह कतई चाणक्य से मेल नहीं खाता. अगर कहीं किसी राज्य में सरकार किसी दूसरी पार्टी की है तो उसके विधायकों को तोड़कर उस राज्य में बीजेपी की सरकार बन जाती है और राजनीतिक गलियारों में इसे अमित शाह का मास्टर स्ट्रोक बताया जाता है. इसी के लिए उन्हें चाणक्य की उपाधि भी कुछ लोगों ने दी है.

2014 का लोकसभा चुनाव बीजेपी उस वक्त जीती जब मोदी लहर अपने उफान पर थी. बीजेपी की तरफ से तमाम वादे जनता के बीच किए गए. काला धन वापसी से लेकर दो करोड़ रोजगार तक के वादे बीजेपी ने किए. महिला सुरक्षा की बात हुई. बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह थे. मोदी लहर तथा अमित शाह के अध्यक्ष रहते हुए बीजेपी ने एक के बाद एक कई चुनाव जीते.

मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ कर्नाटक में तथा गोवा में बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा. लेकिन दूसरी पार्टियों के विधायकों को तोड़कर कर्नाटक तथा मध्य प्रदेश और गोवा में बीजेपी फिर से सरकार बनाने में कामयाब हो गई इन्हीं 8 सालों के बीच में और बीजेपी की तरफ से तथा मीडिया की तरफ से अमित शाह को चाणक्य की उपाधि देकर प्रचारित किया गया.

राजनीतिक गलियारों में यह सुगबुगाहट रहती है कि विपक्षी पार्टी के नेताओं पर ईडी तथा सीबीआई के जरिए शिकंजा कसा जाता है और बाद में उन्हीं में से कुछ लोगों पर दबाव बनाकर उन्हें उनकी पार्टी छोड़ने पर मजबूर किया जाता है और उन्हें अपनी पार्टी के कुछ और विधायकों को तोड़कर बीजेपी में आने का प्रेसर दिया जाता है और दूसरी पार्टी की सरकार गिरा दी जाती है और उसके बाद ईडी तथा सीबीआई की जांच बंद हो जाती है और इन सब के पीछे अमित शाह का दिमाग है ऐसा बताया जाता है राजनीतिक गलियारों में. लेकिन इन बातों में कितनी सच्चाई है यह हमें नहीं पता. है भी या नहीं इसका अनुमान भी नहीं लगा सकते.

ऑपरेशन लोटस का नाम दिया गया है विपक्षी पार्टियों की सरकार को गिराकर बीजेपी की सरकार बनाने को. मीडिया में इसको लेकर डिबेट भी होती है. जब किसी राज्य में विपक्षी पार्टी की सरकार गिराई जाती है और उनके विधायकों को तोड़कर बीजेपी सरकार बना लेती है तो मीडिया में प्रचारित किया जाता है की ऑपरेशन लोटस सफल हुआ. लेकिन पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि कई जगह पर ऑपरेशन लोटस पूरी तरीके से फेल हुआ है.

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार गिरा कर बीजेपी ने बड़ी कामयाबी हासिल की थी और इसके पीछे भी अमित शाह का दिमाग बताया गया था, क्योंकि शिवसेना को पूरी तरीके से तोड़ दिया था बीजेपी ने और शिवसेना के आधे से अधिक विधायकों ने बीजेपी के सपोर्ट से शिवसेना से अलग हटकर सरकार बना ली. लेकिन उसके बाद बीजेपी को बिहार में बड़ा झटका लगा. लंबे समय से बीजेपी की सहयोगी नीतीश कुमार की पार्टी ने बीजेपी का साथ छोड़कर आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली. यहां तथाकथित चाणक्य पूरी तरीके से फेल साबित हुए.

झारखंड को लेकर भी लंबे समय से सुगबुगाहट है कि वहां अंदर खाने ऑपरेशन लोटस जारी है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही है. सरकार गिराई जाती उससे पहले ही बंगाल में 3 विधायकों को कैश के साथ बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और एक तरह से ऑपरेशन लोटस की कलई खोल कर रख दी. इसके बाद दिल्ली की आम आदमी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास हो रहा है, ऐसे आरोप आम आदमी पार्टी की तरफ से लगाए गए. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश हो रही है और अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में फिर से विश्वास मत हासिल किया. अगर अरविंद केजरीवाल की बातों में थोड़ी भी सच्चाई है तो यहां भी तथाकथित चाणक्य पूरी तरीके से फेल साबित हुए.

महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार में है लेकिन उसके बाद भी कांग्रेस को तोड़ने की कोशिश हो रही है. कांग्रेस को तोड़ने के लिए महाराष्ट्र में ऑपरेशन लोटस चलाया जा रहा है ऐसी भी खबरें मीडिया में आई है. अशोक चह्वाण महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री भी है उनकी देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात हुई है और देवेंद्र फडणवीस बीजेपी के बड़े नेता हैं, पहले मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं. यह मुलाकात कांग्रेस नेता अशोक चह्वाण के साथ देवेंद्र फडणवीस की काफी गोपनीय बताई जा रही है फिर भी खबर लीक हो गई और मीडिया इस पर रिपोर्ट करने लगा. कांग्रेस के विधायक टूट जाते उससे पहले ही खबर लीक हो गई. यानी गुल खिलने से पहले ही खबर बाहर आ गई. झारखंड से लेकर बिहार तक और महाराष्ट्र कांग्रेस तक जिस तरीके से बीजेपी के तथाकथित चाणक्य की रणनीति फेल हुई है, उससे ऐसा ही लग रहा है की ग्रह दशा खराब चल रही है.

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