Bilkis Bano Case

बिलकिस बानो केस (Bilkis Bano Case) में दोषी सभी 11 लोगों को रिहा कर दिया गया है. गुजरात सरकार ने अपनी छूट नीति के तहत 15 साल की सजा काटने के बाद सभी दोषियों को रिहा कर दिया है. दोषियों पर बिलकिस बानो के साथ गैं’ग रे’प करने और उनके परिवार के 7 सदस्यों की ह’त्या करने का इल्जाम था और 2008 में सभी को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी. अब वह रिहा होकर जेल से बाहर आ गए हैं. रिहा हुए 1 दोषी ने खुद को राजनीति का शिकार बताया है. और कहा है कि एक विचारधारा का होने के कारण उन्हें फंसाया गया.

अब सवाल यह उठता है कि आखिर एक विचारधारा का होने के कारण उन्हें क्यों फसाया गया? जिस हिसाब से दोषी ने दावा किया है उस हिसाब से सवाल उठता है कि अगर वह एक विचारधारा के समर्थक हैं तो उसी विचारधारा की तो लंबे समय से सरकार है गुजरात में. तो क्या उसी विचारधारा के लोगों ने फंसा दिया, उन्हीं की सरकार ने उन्हें फंसा दिया? रिहा होने के बाद एक दोषी राधेश्याम ने सोमवार को अपनी रिहाई के बाद कहा कि वह सभी निर्दोष है. उन्होंने मीडिया के सामने दावा किया कि हमारी विचारधारा के कारण हमें फसाया गया था.

बिलकिस बानो के पति ने क्या कहा?

बिलकिस के पति याकूब ने कहा है कि घर पर माहौल बहुत खराब है. हम सब इस फैसले से दुखी हैं. हम पहले भी डर के साए में जी रहे थे. लेकिन अब दोषियों के जेल से रिहा होने के बाद डर और ज्यादा बढ़ गया है. हमें अभी तक कोई सुरक्षा नहीं मिली. हम अभी तक जगह बदल बदल कर रह रहे थे. आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद वह और उनका परिवार शांति से रह रहा था, लेकिन अब डर बढ़ गया है. हमने इस हादसे में सब कुछ गवा दिया था. हमारी 3 साल की बेटी की जान चली गई थी. बिलकिस के साथ यह हादसा हुआ हमारे परिवार के जिन सदस्यों ने जान गंवाई थी हम उनके लिए अभी भी प्रार्थना करते हैं.

आपको बता दें कि गुजरात में चुनाव होने वाले हैं और गुजरात में लंबे समय से बीजेपी की सरकार है. कांग्रेस इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है. हालांकि कांग्रेस को पता है कि ऐसा करने से उसे राजनीतिक नुकसान हो सकता है. लेकिन फिर भी कांग्रेस के नेता इस मुद्दे पर बढ़-चढ़कर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और बीजेपी के फैसले पर सवाल खड़े कर रहे हैं. कांग्रेस बिना राजनीतिक नफा नुकसान को देखें आरोपियों के खिलाफ और बीजेपी के फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद किए हुए हैं. कल ही प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से महिला सुरक्षा की बात की थी, महिलाओं के सम्मान की बात की थी और कल ही गुजरात सरकार ने यह फैसला लिया. इस फैसले की काफी आलोचना भी हो रही है.

इसके अलावा आपको बता दें कि गुजरात में आम आदमी पार्टी भी चुनाव लड़ने जा रही है. पिछली बार के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं था. 1% से भी कम वोट मिला था. इस बार आम आदमी पार्टी गुजरात में दम से चुनाव लड़ने का दावा कर रही है और बीजेपी को उखाड़ फेंकने का आह्वान कर रही है. कांग्रेस के खिलाफ भी गुजरात में आम आदमी पार्टी माहौल बना रही है. लेकिन बिलकिस बानो के आरोपियों के रिहा होने पर अभी तक आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

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