राजस्थान में एक ऐसी दुखद घटना हुई है जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है और अपने पीछे कई सवाल राजनैतक रूप से छोड़ गई है. दरअसल राजस्थान के जालोर जिले में एक संत ने आत्महत्या कर ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस आत्महत्या के पीछे बीजेपी विधायक का नाम सामने आ रहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी विधायक पूराराम चौधरी कथित रूप से संत को परेशान कर रहे थे प्रताड़ित कर रहे थे.
संत रविदास महाराज ने परेशान होकर आखिरी में आत्महत्या कर ली. इस पूरी घटना की विधिवत जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी है उस पर कार्यवाही होनी चाहिए. लेकिन इस घटना ने झकझोर कर रख दिया है और राजनीतिक और धार्मिक रूप से कई सवाल छोड़ दिए हैं. सबसे पहले तो इस घटना को लेकर कोई भी टीवी डिबेट देखने को नहीं मिली. कहीं इसके पीछे ऐसा तो नहीं है कि बीजेपी विधायक का नाम आ रहा है इसलिए?
महाराष्ट्र के पालघर में जो घटना हुई थी उसके बाद राजनीतिक तूफान आ गया था. मीडिया में रोज डिबेट हो रही थी. बीजेपी के बड़े नेताओं के बयान सामने आ रहे थे. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसके लिए महाराष्ट्र की सरकार को जिम्मेदार ठहराया था. बताया जा रहा था कि उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व को छोड़ दिया है. सोनिया गांधी से पालघर की घटना पर सवाल पूछे जा रहे थे, उनको जिम्मेदार ठहराया जा रहा था. मामला साधुओं का था.
इस पूरी घटना पर संत समाज ने रोष व्यक्त किया था. उद्धव ठाकरे पर अनेक तरह के बयान दिए गए थे. महाविकास आघाडी सरकार के खिलाफ अभियान छेड़ने की धमकी तक दी गई थी. लेकिन राजस्थान में एक संत ने बीजेपी विधायक द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित होने के बाद आत्महत्या कर ली और चारों तरफ शांति बनी हुई है, सन्नाटा है. कोई सवाल नहीं पूछ रहा है. क्या इसके पीछे अगर किसी दूसरी पार्टी के नेता का नाम आता उस वक्त भी यही शांति बनी रहती है? कोई मीडिया डिबेट देखने को नहीं मिलती? कोई राजनीतिक सवाल नहीं होते बीजेपी की तरफ से?
संत समाज भी इस पूरे मामले पर खामोश है. तो क्या यह मान लेना चाहिए कि धार्मिक मुद्दों पर भी संत समाज राजनीतिक पार्टी देखकर आवाज उठा रहा है? राजनीतिक पार्टी से जुड़े हुए व्यक्ति को देख कर अपना रोष व्यक्त कर रहा है? इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी संतो से जुड़े हुए कई मामले सामने आए हैं, हत्याएं भी हुई हैं. लेकिन मीडिया में कोई हाहाकार देखने को नहीं मिला, क्योंकि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और राजस्थान में तो कांग्रेस की सरकार है लेकिन इस आत्महत्या के पीछे बीजेपी विधायक का नाम तथा कथित रूप से लिया जा रहा है. लेकिन मीडिया खामोश है बीजेपी खामोश है.