Narendra_Modi

कोरोना ने चारों तरफ तबाही मचाई हुई है. ऑक्सीजन की किल्लत देश के तमाम शहरों में बनी हुई है. लखनऊ में कई हॉस्पिटल्स के बाहर नोटिस तक लग चुके हैं कि, ऑक्सीजन खत्म होने वाली है अपने मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट कर लीजिए. कुल मिलाकर जनता परेशान है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी यानी क्योटो का भी हाल बुरा है. चारों तरफ चिताएं जल रही है. ऑक्सीजन की कमी प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में भी है. हालांकि प्रधानमंत्री ने कुछ दिन पहले वहां के पदाधिकारियों से बात की थी, लेकिन परेशानी बनी हुई है. और मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है.

इस महामारी में भी भाजपा के नेता गलत बयान बाजी से बाज नहीं आ रहे हैं. भाजपा के नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि राहुल गांधी झूठ बोलते हैं इसलिए उन्हें कोरोना हुआ है. तो क्या यह मान लिया जाए कि देश में जितने लोगों को यह वायरस अपने चपेट में ले रहा है, सभी लोग झूठ बोल रहे हैं, झूठ बोलते हैं? अमित शाह बी पॉजिटिव हुए थे क्या माना जाए?

दोहरे मापदंड

बात PM मोदी के दोहरे मापदंड कि अगर की जाए तो, PM मोदी ने देश के नाम संबोधन में अपने बाल मित्रो से से कहा कि वह घर पर ऐसा माहौल बनाएं की बाहर ना निकलना पड़े. अपने घर के लोगों को बाहर ना निकलने दे, कुछ जरूरी ना हो तो सभी घर पर रहे, इसके लिए बाल साथी आगे आ सकते हैं. एक तरफ बच्चों को बाहर ना निकलने के लिए कह रहे हैं और उनके मां-बाप को लाखों की भीड़ में इकट्ठा कर रहे हैं, क्या कहा जाए प्रधानमंत्री मोदी को?

अभी कुछ दिन पहले PM नरेंद्र मोदी बंगाल की चुनावी रैली में दोनों हाथ फैला फैला कर, आंखों की चमक दिखा दिखा कर, बड़ी ही शान से कह रहे थे कि मेरी नजर जहां जहां तक जा रही है, चारों तरफ भीड़ ही भीड़ दिखाई दे रही है. एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी चुनावी रैली में भीड़ देखकर खुश होते हैं और दूसरी तरफ अपील करते हैं कि घर से बाहर ना निकले. प्रधानमंत्री पद पर बैठकर ऐसा रवैया?

आज भी गोदी मीडिया के रजत शर्मा जैसे पत्रकार ट्विटर पर सरकार के लिए बैटिंग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि कोरोना के खिलाफ हम जंग जरूर जीतेंगे. लाखों जिंदगियां जिंदगी की जंग हार रही हैं. श्मशान घाट में कूपन बट रहे हैं, लोग अपनों को बचाने के लिए तड़प रहे हैं और लगातार नाकाम हो रहे हैं. इतनी जिंदगीया जो बचाई जा सकती थी, नहीं बचाई गई, इसके बाद अगर कोरोना अपने आप खत्म भी हो जाता है तो यह जीत किस काम की?

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