Ministry of Information and Broadcasting

केंद्र की मोदी सरकार (Modi government) ने शनिवार को एडवाइजरी जारी कर मीडिया चैनलों को चेतावनी दी है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) की ओर से जारी की गई एडवाइजरी में रूस और यूक्रेन युद्ध तथा बीते कुछ दिनों में हुई सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं की कवरेज को लेकर मंत्रालय ने सख्त शब्दों में हिदायत देते हुए अपनी बात कही है.

सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि केंद्र सरकार जरूरत पड़ने पर किसी न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम या प्रसारण को नियंत्रित या फिर प्रतिबंधित कर सकती है. आपको बता दें कि रूस तथा यूक्रेन के बीच बीते कुछ दिनों से युद्ध चल रहा है और भारत में कई टीवी चैनलों पर अधिकतर वक्त में इसे ही दिखाया जा रहा है तथा तथ्य हिना रिपोर्टिंग की जा रही है.

इसके अलावा हाल के दिनों में देश भर में हुई सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर भी देश में माहौल तनावपूर्ण है और मीडिया कवरेज की वजह से हालात ना बिगड़े इसके लिए केंद्र सरकार ने न्यूज़ चैनलों को चेतावनी दी है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि कुछ चैनल कुछ घटना और कार्यक्रम की कवरेज इस तरह से करते हैं, जिससे यह अविश्वसनीय गुमराह करने वाले संवेदनशील लगते हैं और यह ऐसी भाषा वाले होते हैं जिन्हें समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

केंद्र सरकार का सीधा इशारा रूस यूक्रेन युद्ध तथा दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के मौके पर हुए सांप्रदायिक तनाव की घटना के बाद ही रिपोर्टिंग की ओर है. मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि कुछ चैनल रूस यूक्रेन में चल रहे युद्ध को लेकर झूठे दावे कर रहे हैं और इस तरह की हेडलाइन और टैगलाइन लगाते हैं, जो कि कई बार उस खबर से संबंधित ही नहीं होती.

मंत्रालय ने जहांगीरपुरी घटना को लेकर कवरेज के दौरान न्यूज़ चैनलों पर संप्रदायिक तनाव को बढ़ाने का आरोप भी लगाया है. जो एडवाइजरी जारी की गई है उसमें कहा गया है कि न्यूज़ चैनल भड़काऊ हैडलाइन और हिंसा के वीडियो को दिखाते हैं, जिससे अलग-अलग समुदायों के बीच सांप्रदायिक नफरत बढ़ सकती है और इससे कानून व्यवस्था की स्थिति भी खराब हो सकती है.

मंत्रालय की तरफ से जो एडवाइजरी जारी की गई है उसमें यह भी कहा गया है कि कुछ चैनलों की बहसों में असंसदीय, भड़काऊ और समाज में स्वीकार न किए जाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया जाता है और इसका दर्शकों पर नकारात्मक असर होता है. इस वजह से भी सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है और बड़े पैमाने पर शांति भंग हो सकती है.

एडवाइजरी में कहा गया है कि मीडिया में दिखाई गई खबरों का निश्चित रूप से दर्शकों पर बहुत बड़ा असर होता है और ऐसे में जरूरी है कि मीडिया चैनल अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय की एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए इस तरह से खबरें ना दिखाएं, जिनसे समाज में सांप्रदायिक तनाव बढ़ता हो.

आपको बता दें कि राजस्थान में मंदिर को गिराए जाने की जो घटना हुई है उसको लेकर भी कुछ चैनलों द्वारा तथ्यहीन रिपोर्टिंग की गई है और उनके एंकरो द्वारा भी सोशल मीडिया के जरिए जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई है. इस तरह की रिपोर्टिंग, जो सत्य घटनाओं से कहीं दूर हैं, वह लगातार हो रही है. चैनलों की तरफ से इस तरह की रिपोर्टिंग क्यों की जा रही है? क्या जानबूझकर की जा रही है? इसको लेकर भी सवाल है.

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