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राजस्थान के उदयपुर में दिनदहाड़े एक दर्जी कन्हैया लाल की ह’त्या के बाद तनाव फैल गया. जिले के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. दुकानें बंद कर दी गई है. जिले में इंटरनेट को फिलहाल बंद किया गया है. पुलिस अलर्ट पर है. करीब 600 अतिरिक्त पुलिसकर्मी उदयपुर भेजे गए हैं. इस हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

हत्या के बाद सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुआ वह दिल दहलाने वाला था. एक अन्य वीडियो में कथित तौर पर आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित नजर आए. हत्या जाहिर तौर पर दो समुदायों के भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुई. कहा जा रहा है कि भड़काऊ पोस्ट को लेकर दर्जी आरोपी था और पुलिस ने उससे पूछताछ भी की थी. कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि उस पोस्ट को लेकर दर्जी को कुछ संगठनों ने धमकी भी दी थी. कहा जा रहा है कि दर्जी कि वह पोस्ट बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में थी.

इस घटना के बाद अब बयानबाजी भी तेज हो गई है इस बीच अजमेर दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन अली खान ने इस घटना की निंदा की है और कहा है कि भारत के मुसलमान देश में कभी भी तालिबानी मानसिकता नहीं आने देंगे. आपको बता दें कि जो वीडियो वायरल हुआ है ह’त्या के बाद वह तालिबान से प्रभावित नजर आए. इस घटना के बाद एक वीडियो पोस्ट किया गया और कहा कि वह इस्लाम के अपमान का बदला ले रहे हैं. बताया गया कि टेलर के 8 साल के बेटे ने नूपुर के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था.

अजमेर दरगाह के दीवान ने कहा है कि कोई भी धर्म मानवता के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा नहीं देता है, विशेष रूप से इस्लाम धर्म में सभी शिक्षाएं शांति का संदेश देती हैं. उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर सामने आए वीडियो में कुछ गैर नैतिक दिमाग के लोगों ने एक गरीब आदमी पर क्रूर हमला किया, जिसे इस्लामी दुनिया में दंडनीय पाप के रूप में माना जाता है. उन्होंने कहा कि आरोपी कुछ कट्टरपंथी समूहों का हिस्सा थे जो हिंसा के रास्ते से ही समाधान ढूंढते हैं. उन्होंने आगे कहा कि मैं इसकी निंदा करता हूं और सरकार से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अनुरोध करता हूं.

आपको बता दें कि इस घटना के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत में शांति बनाए रखने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि उदयपुर की यह घटना मामूली घटना नहीं है, यह कल्पना से बाहर है कि कोई व्यक्ति ऐसा भी कर सकता है. हम चाहते हैं कि ऐसे समय में पैदा तनाव पैदा ना हो. सब मिलकर शांति से रहे. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, कोई कमी नहीं रखेंगे. आगे उन्होंने कहा कि चिंता की बात है इस प्रकार से किसी की ह’त्या कर देना दुखद और शर्मनाक है. माहौल ठीक करने की जरूरत है.

इस घटना के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उदयपुर में हुई क्रूर हत्या निंदनीय है. ऐसी हत्या को कोई भी डिफेंड नहीं कर सकता. हमारी पार्टी का स्टैंड यही है कि किसी को भी कानून को अपने हाथों में लेने का हक नहीं है. हमने हमेशा हिंसा का विरोध किया है. हमारी मांग है सरकार से कि वह मुजरिमों के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन ले. विधि शासन को कायम रखना होगा.

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