Aman Chopra Twitt

अमन चोपड़ा (Aman Chopra) अक्सर बीजेपी के नेताओं के बयानों को अपने सोशल मीडिया के जरिए आगे बढ़ाते रहते हैं. इसके अलावा वह अपने कार्यक्रमों के माध्यम से भी बीजेपी के एजेंडे पर डिबेट कराते हुए पाए जाते हैं. ऐसा करते हुए वह कई बार यूजर्स के निशाने पर आ चुके हैं और पिछली बार तो उन्हें पुलिस के सामने भी पेश होना पड़ा था.

सोशल मीडिया पर इस वक्त सावरकर को लेकर कई तरह की बातें चल रही है. कुछ लोग सावरकर का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ लोग सावरकर का विरोध कर रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि सावरकर ने माफी मांग कर सजा से छुटकारा पाया था और उसके बाद कभी भी आजादी के आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया. जबकि कुछ लोग सावरकर को वीर बता रहे हैं.

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बयान दिया था, जिसको अमन चोपड़ा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए आगे बढ़ाया. योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि, वीर सावरकर की बात को कांग्रेस ने माना होता तो देश विभाजन की त्रासदी से बच गया होता

अमन चोपड़ा द्वारा किए गए इस ट्वीट पर अलग-अलग तरह के जवाब देखने को मिले. ओपी तोशिवाल नामक यूज़र ने जवाब दिया कि, जो व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के छात्र होते, उनके ज्ञान पर ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय मे पी. एच. डी. मेरीट के साथ मीलेगी, वैसै बता दु इतिहास मे भारत के विभाजन को हिंदु महासभा, मुस्लिम लीग को जिम्मेदार ठहराया, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की बात मानो, इतिहास का अध्ययन शुरू कर दो.

सुगंधा नामक युवक ने अमन चोपड़ा को जवाब देते हुए लिखा कि, शाखा वाले इतने ही काबिल होते तो देश की दुर्दशा नहीं होती. एक बंद कुंआ है आरएसएस जिसमें पढ़ाई लिखाई से कोई मतलब नहीं है, झूठ फैलाने में उनको दुनिया में कोई मात नहीं कर सकता. दो राष्ट्र सिद्धांत सावरकर का ही दिया हुआ है. जिन्ना के समर्थक रहे हमेशा सावरकर.

पंकज वाजपेई ने अमन चोपड़ा के ट्वीट पर जवाब दिया कि, गाँधी अगर सावरकर की बात मान लिए होते तो अंग्रेजों के साथ बैठकर ‘झीं’गा’ फ्राई कर रहे होते, अल्फांसो आम, आईसक्रीम, चॉकलेट्स का स्वाद और जि’न्टान (Jin’tan) ब्राण्ड की व्हि’स्की की चुस्कियां ले रहे होते, आधी धोती पहनकर न घूमे होते, लेकिन तब न ‘स्वतन्त्र भारत’, न अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होती.

स्वामी नामक ट्विटर यूजर ने लिखा कि, बिल्कुल सही बोला है, क्योंकि सारे स्वतंत्रता सेनानी अंग्रजों से माफी मांगना चालू कर देते तो देश आजाद ही नहीं होता तो विभाजन कहां से होता आज़ भी हम किसी अंग्रेज की गाड़ी साफ़ कर रहे होते लेकिन एक बात अच्छी भी होती “गोदी मिडिया” नहीं होता अंग्रेजी राज मे.

राजहंस नामक ट्विटर यूजर ने लिखा कि, तो भगवा संतों का मानना है पाकिस्तान के मुसलमान भी भारत का हिस्सा होते तो अमन-चैन होता देश में?? जिन मुसलमानों ने विभाजन के समय भारत में रहने का फ़ैसला किया उनको दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया है. राजस्थान पुलिस को अभी अरेस्ट करने में कामयाबी नहीं मिली??

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here