Rubika Liyaquat Amish Devgan

इस वक्त पूरी दुनिया रूस और यूक्रेन के युद्ध पर नजरें गड़ाए हुए हैं. यूक्रेन में फंसे हुए भारतीय छात्रों को लाने की गुहार पूरे देश से हो रही है. तमाम दबावों के बाद और चारों तरफ हो रही किरकिरी के बाद मोदी सरकार इस मामले में अब जाकर गंभीर हुई है. यूक्रेन में फंसे हुए भारतीय छात्रों पर भी बीजेपी की तरफ से राजनीति हुई और मीडिया के जरिए उसे प्रचारित किया गया.

यूक्रेन में फंसे हुए भारतीय छात्रों को लाने के लिए तमाम राजनीतिक दलों के लोग भी मोदी सरकार पर दबाव बना रहे थे. बीजेपी के ही सांसद वरुण गांधी ने इसको लेकर एक ट्वीट किया. उन्होंने यूक्रेन में फंसी हुई है छात्रा का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, सही समय पर सही फैसले न लिए जाने के कारण 15 हजार से अधिक छात्र भारी अव्यवस्था के बीच अभी भी युद्धभूमि में फंसे हुए है.

वरुण गांधी ने अपने ट्वीट में आगे लिखा कि, ठोस रणनीतिक और कूटनैतिक कार्यवाही कर इनकी सुरक्षित वापसी इन पर कोई उपकार नहीं बल्कि हमारा दायित्व है. आखरी लाइन में उन्होंने लिखा, हर आपदा में ‘अवसर’ नही खोजना चाहिए. वरुण ने जैसे ही मोदी सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कीकि, ऐसा लगा सबसे अधिक अगर किसी को तकलीफ हुई है तो वह मीडिया जगत से जुड़े हुए बीजेपी समर्थक पत्रकार और एंकर हैं.

अमीश देवगन (Amish Devgan) और रुबिका लियाकत (Rubika Liyaquat) ने तो उन तमाम कयासों को ही खारिज कर दिया, जिसमें यह आरोप लगते रहे हैं कि यह बीजेपी के प्रवक्ता हैं या फिर पत्रकार हैं. रुबिका लियाकत ने मोदी सरकार का बचाव करते हुए और वरुण गांधी पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया कि, हर आपदा में अवसर नहीं खोजना चाहिए वरूण जी.

इसके बाद बारी थी अमीश देवगन की अमीश ने बीजेपी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए वरुण गांधी की आलोचना की और उन्होंने लिखा कि, यह दो देशों का युद्ध है और संकट के वक्त ‘अक्सर’ कई आप जैसे महानुभाव ‘अवसर’ खोज रहें हैं. बाक़ी कई और मुद्दे हैं.

हालांकि जिस मुद्दे पर यह बीजेपी समर्थक पत्रकार और एंकर दूसरों को सलाह दे रहे हैं दूसरे मुद्दे पर राजनीति करने की और इसपर एकजुट रहने की, इसी मुद्दे पर जब एक फ्लाइट यूक्रेन से छात्रों को लेकर भारत आई थी उस वक्त मोदी सरकार का प्रचार प्रसार कर रहे थे और अभी भी ऑपरेशन Ganga के नाम से उत्तर प्रदेश में इसी मुद्दे पर बीजेपी के लिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहे है.

बीजेपी के ही सांसद अगर अपनी सरकार से सवाल करते हैं भारतीय छात्रों को लेकर, तो आखिर रुबिका लियाकत और अमीश देवगन जैसे तमाम बीजेपी समर्थक मीडिया जगत से जुड़े हुए लोगों को इतनी तकलीफ क्यों होती है? यह सिर्फ बीजेपी का बचाव करना ही इनका काम रह गया है?

अमीश देवगन द्वारा बीजेपी के किए गए बचाव के बाद कई लोगों ने उनसे पूछा कि क्या तुम भाजपा के प्रवक्ता हो? बीजेपी से ही वरुण गांधी सांसद हैं और वह सरकार से सवाल कर रहे हैं, जनता की तरफ से आवाज उठा रहे हैं. तुम्हें क्यों तकलीफ हो रही है, क्या तुम बीजेपी के लिए नौकरी करते हो? आपको बता दें कि अधिकतर मुद्दों पर बीजेपी समर्थक पत्रकार जनता के निशाने पर रहते हैं. लेकिन फिर भी यह मीडिया जगत से जुड़े हुए बीजेपी समर्थक एंकर और पत्रकार जनता के सवालों को निडरता के साथ सरकार के सामने उठाते हुए दिखाई नहीं देते.

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