Kapil Sibal Ashok Gehlot

विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में विवाद बढ़ता जा रहा है. सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने बयानबाजी तेज कर दी है. कपिल सिब्बल लंबे वक्त से गांधी परिवार के खिलाफ बयानबाजी करते रहें. या यूं कहें कि दबी जुबान में गांधी परिवार के नेतृत्व पर सवाल उठाते रहे हैं.

एक बार फिर से कपिल सिब्बल ने कहा है कि कांग्रेस की कमान गांधी परिवार को छोड़ देनी चाहिए, ताकि दूसरों को मौका मिले. सिब्बल ने पार्टी के भीतर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की दखलअंदाजी पर भी सवाल उठाए हैं. एक इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने कहा है कि राहुल गांधी डिफेक्टो प्रेजिडेंट रहे हैं. पंजाब में मुख्यमंत्री बनाने का फैसला उन्होंने लिया था.

कपिल सिब्बल ने कहा है कि किस हैसियत से राहुल गांधी ने यह डिसीजन लिया था? उन्होंने कहा है कि हमारी मांग है कि घर की कांग्रेस के बजाय सबकी कांग्रेस हो, मैं इसके लिए आखिरी सांस तक लडूंगा.

कपिल सिब्बल के घर की कांग्रेस के सवाल पर राहुल गांधी ने कोई जवाब नहीं दिया है पार्लियामेंट जाने के दौरान राहुल गांधी से सिब्बल को लेकर सवाल पूछा गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए. वही उनके करीबी नेता मणिक्कम टैगोर (Manickam Tagore) ने कपिल सिब्बल पर पलटवार किया है.

मणिक्कम टैगोर ने सिब्बल पर अटैक करते हुए कहा है कि कपिल सिब्बल संघ की भाषा बोल रहे हैं. आपको बता दें कि कपिल सिब्बल कांग्रेस के भीतर बदलाव की मांग करने वाले g-23 गुट के सदस्य हैं. पिछले दिनों हार के बाद गुलाम नबी आजाद के आवास पर इस ग्रुप के सदस्यों की बैठक हुई थी. हालांकि इस ग्रुप के सदस्यों ने पार्टी की मजबूती के लिए पांच राज्यों में प्रचार नहीं किया था.

कपिल सिब्बल के बयान पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कपिल सिब्बल को नसीहत दी है. अशोक गहलोत ने कहा है कि सिब्बल को कांग्रेस का कल्चर नहीं पता है. वह पार्टी की एबीसीडी नहीं जानते हैं. सिब्बल अच्छे वकील रहे हैं. सोनिया जी और राहुल जी ने उन्हें बहुत मौके दिए हैं.

आपको बता दें कि लंबे वक्त बाद कांग्रेस बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी हुई दिखाई दे रही है और गांधी परिवार एक बार फिर से एक्शन में दिखाई दे रहा है. सोनिया गांधी ने पांच राज्यों की विधानसभा चुनाव की हार के बाद पांचों राज्यों के कांग्रेस अध्यक्षों से इस्तीफा ले लिया है. कांग्रेस की हुई बैठक में सीडब्ल्यूसी के नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई थी कि, कांग्रेस को मजबूत करने के लिए सोनिया गांधी जो भी फैसले लेना चाहे ले सकती हैं.

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