Prashant Kishor Sonia Gandhi

कांग्रेस में अचानक से हलचल बढ़ रही है. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की भूमिका ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है और यह स्पष्ट है कि बेहद मुश्किल वक्त से गुजर रही कांग्रेस ने एक तरह से प्रशांत किशोर में बीजेपी का काट ढूंढ लिया है.

सूत्रों से निकलकर जो जानकारी आ रही है, उसके मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने बुधवार को पार्टी नेताओं के साथ बैठक में सभी को यह बता दिया है कि प्रशांत किशोर जल्द ही कांग्रेस में शामिल होंगे और 2024 चुनाव की रणनीति बनाएंगे.

2014 के लोकसभा चुनाव हारने के बाद से ही लगातार कांग्रेस के प्रदर्शन में गिरावट आती गई. इन सब चुनौतियों से निपटने के लिए कांग्रेस ने प्रशांत किशोर से हाथ मिला लिया है. बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई बड़े नेताओं के साथ कई बार बैठक कर चुके हैं.

बीजेपी को चुनौती देने की बड़ी रणनीति

बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर ने सोनिया गांधी को एक पीपीटी जून 2021 में सौंपी थी. प्रशांत किशोर ने जो पीपीटी सोनिया गांधी को सौंपी थी उसकी शुरुआत में लिखा है, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को कभी मरने नहीं दिया जा सकता है, यह सिर्फ राष्ट्र के साथ मर सकती है.

प्रशांत किशोर ने अपने प्रेजेंटेशन में भारत की जनसंख्या, वोटर, विधानसभा सीटें, लोकसभा सीटों तक के आंकड़े पेश किए हैं. इतना ही नहीं उन्होंने महिलाओं, युवाओं, किसानों और छोटे व्यापारियों की संख्या तक का जिक्र किया है. इसमें 2024 में 13 करोड़ फर्स्ट टाइम वोटरों पर भी फोकस किया गया है.

प्रशांत किशोर ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया है कि अभी कांग्रेस के राज्यसभा और लोकसभा में 90 सांसद हैं. विधानसभाओं में 800 विधायक हैं. इतना ही नहीं कांग्रेस की 3 राज्यों में सरकार है और तीन में कांग्रेस सहयोगी दलों के साथ सरकार में है. वही 13 राज्यों में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है. इतना ही नहीं 3 राज्यों में कांग्रेस सहयोगियों के साथ मुख्य विपक्षी है.

प्रशांत किशोर ने अपने प्रेजेंटेशन में यह भी बताया है कि 1984 के बाद कैसे कांग्रेस का वोट प्रतिशत लगातार गिरता गया.

रणनीति की मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने जो शुरुआती कदम उठाने के लिए कहा है उसमें उन्होंने बताया है कि, नेतृत्व के मुद्दे को हल करना होगा. गठबंधन से जुड़े मुद्दे को सुलझाना होगा. पार्टी के पुराने सिद्धांतों पर लौटना होगा. जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और नेताओं की फौज बनानी होगी. कांग्रेस के कम्युनिकेशन सिस्टम में बदलाव करने की जरूरत है.

प्रशांत किशोर ने गठबंधन को लेकर तीन स्थितियों का जिक्र किया है. पहली स्थिति में कांग्रेस पूरे देश में सिर्फ अकेले चुनाव लड़े. दूसरी स्थिति में कांग्रेस बीजेपी और मोदी को हराने के लिए सभी पार्टियों के साथ आए और यूपीए को मजबूत किया जाए. तीसरी स्थिति यह है कि कुछ जगहों पर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़े और कुछ जगहों पर सहयोगीयों के साथ मिलकर लड़े, इस दौरान कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी की छवि को भी बरकरार रखें.

प्रशांत किशोर ने कहा है कि कांग्रेस को फुल टाइम अध्यक्ष की जरूरत है और यह समय पर जल्द से जल्द होना चाहिए. प्रशांत किशोर ने इमेज बिल्डिंग से जुड़े कुछ प्रस्ताव भी दिए हैं. यही नहीं प्रशांत किशोर ने कांग्रेस की पूरी कम्युनिकेशन स्ट्रेटजी बदलने की जरूरत पर भी जोर दिया है. महत्वपूर्ण यह भी है कि प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को सलाह दी है कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सीधी टक्कर बीजेपी से हैं वहां पूरे स्ट्रक्चर में बदलाव की जरूरत है.

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