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पिछले विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद बीजेपी के हौसले बुलंद है. बीजेपी ने इस साल के आखिर और 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बड़ी रणनीति तैयार की है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में साल 2023 में होने वाले चुनाव में बीजेपी का चेहरा चुनावों के दौरान बदलने वाला है.

सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ में रमन सिंह और राजस्थान में वसुंधरा राजे के नाम पर पार्टी चुनाव नहीं लड़ने जा रही है. इन राज्यों में नई पीढ़ी को आगे लाने पर काम किया जा रहा है. लेकिन उसके पहले बड़ी रणनीति बीजेपी ने तैयार की है, जिससे इन तीनों राज्यों में चुनाव जीता जा सके.

बीजेपी ने नवंबर 2022 में गुजरात, हिमाचल प्रदेश और 2023 में होने वाले चुनाव की पूरी रणनीति अभी से तैयार कर ली है.

मध्यप्रदेश में शिवराज से आगे?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. दिसंबर 2018 के विधानसभा चुनाव में शिवराज बीजेपी को सत्ता के दरवाजे तक नहीं पहुंचा पाए थे. बीजेपी चंद सीटों से कांग्रेस से पीछे रह गई थीथे, जिसके चलते कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बन गई थी. हालांकि सियासी गुड़ा गणित के जरिए कमलनाथ की सरकार गिरा दी गई, जिसके बाद मार्च 2020 में शिवराज सिंह चौहान चौथी बार मुख्यमंत्री बने. लेकिन अब बीजेपी मध्यप्रदेश में नया नेतृत्व विकसित करना चाह रही है.

बीजेपी के भीतर भी यह चर्चा है कि शिवराज सिंह चौहान को कभी भी केंद्र की राजनीति में लाया जा सकता है, जिससे मध्यप्रदेश में आने वाली पीढ़ी के लिए नेतृत्व को तैयार करने में मदद मिले. जब तक मध्यप्रदेश में शिवराज रहेंगे नया नेतृत्व विकसित करना संभव नहीं होगा. वैसे भी मध्य प्रदेश बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण है जिसे किसी भी सूरत में खोना नहीं चाहता है नेतृत्व.

वसुंधरा का नेतृत्व से टकराव

दिसंबर 2013 में प्रचंड बहुमत से राजस्थान में सरकार बनाने वाली बीजेपी को दिसंबर 2018 के विधानसभा चुनाव में वसुंधरा के नेतृत्व में बुरी हार का सामना करना पड़ा था. 6 महीने के बाद हुए लोकसभा चुनाव में मोदी के नाम पर बीजेपी को शानदार जीत मिली. राजस्थान की 25 सीटों पर बीजेपी ने कब्जा कर लिया था. कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था.

राजस्थान में पिछले कई वर्षों से वसुंधरा का दबदबा रहा है बीजेपी के अंदर. लेकिन अब पार्टी राजस्थान में नया नेतृत्व तलाश रही है. वसुंधरा के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की मांग लगातार कर रहे हैं. लेकिन राजस्थान जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह साफ संकेत दे चुके हैं कि 2023 का विधानसभा चुनाव नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा, किसी शख्स को चुनाव में चेहरा नहीं बनाया जाएगा.

बीजेपी के लिए भी यह बड़ा सियासी संदेश माना जा रहा है. बीजेपी विधानसभा चुनाव के बाद किसी चेहरे को सामने लाएगी ताकि अगले एक से दो दशक तक राजस्थान में पार्टी के सामने नेतृत्व का संकट पैदा ना हो सके.

छत्तीसगढ़ के लिए बीजेपी का प्लान?

2004 से लेकर 2018 तक लगातार तीन बार रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे. दिसंबर 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बुरी तरह कांग्रेस ने पटखनी दी थी. ऐसे में बीजेपी अब छत्तीसगढ़ में किसी नए चेहरे को सामने लाना चाहती है, जो पार्टी के लिए लंबी पारी खेल सके. लेकिन इसी के साथ ही यह भी तय है कि बीजेपी 2023 के पहले किसी नए चेहरे को सामने नहीं लाएगी. 2023 का विधानसभा चुनाव छत्तीसगढ़ का बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर ही लड़ेगी.

हिमाचल-गुजरात

इस साल के आखिर में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव से ठीक 15 महीने पहले सितंबर 2021 में बीजेपी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को बदल दिया था. पहली बार के विधायक बने भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया था. इसी तरह से मंत्रिमंडल में भी फेरबदल किए गए थे. बीजेपी किसी भी कीमत पर गुजरात अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहती है. पिछली बार मुश्किल से बीजेपी ने सरकार बनाई थी. कांग्रेस में जबरदस्त टक्कर दी थी. गुजरात का चुनाव भी पूरी तरीके से प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर लड़ने की तैयारी में बीजेपी है.

ठीक इसी तरह हिमांचल भले ही छोटा राज्य है लेकिन बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण है. पिछले साल नवंबर में हुए उपचुनाव में बीजेपी को करारी हार झेलनी पड़ी थी. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी इसी राज्य से आते हैं. जिस तरह से उत्तराखंड में बीजेपी की जीत हुई है उसी तर्ज पर पार्टी इस साल नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में वापसी करना चाहती है. यही नहीं पार्टी उस परंपरा को भी तोड़ना चाहती है जिसमें एक बार कांग्रेस और दूसरी बार बीजेपी की सरकार अब तक बनती रही है .उत्तराखंड में बीजेपी ने ऐसा करके दिखाया है.

बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले हर हाल में उससे पहले होने वाले सभी विधानसभा चुनाव जीतना चाहती है. ताकि लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता में आने से पहले और 2024 के लोकसभा चुनाव में जाने से पहले बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के हौसले बुलंद रहे हैं. 2024 लोकसभा चुनाव से पहले जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं वहां बीजेपी का सीधा मुकाबला कांग्रेस से है और बीजेपी कांग्रेस को कोई मौका नहीं देना चाहती है.

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