Brijesh Mishra

कोविड-19 की वापसी पहली लहर से दोगुनी गंभीर है. और इसके कारण जिस तरह से संकट गहरा होता जा रहा है, वह केंद्र की मोदी सरकार की कमजोरियां उजागर कर सकता है. जिस देश की ओर पूरी दुनिया उम्मीद भरी नजरों से देख रही है कि, वह वैक्सीन सप्लाई करेगा, वह खुद ही असली संकट में घिरने पर उन्हें आयात करने जा रहा है.

जो भारत की बौद्धिक क्षमता के लिए गौरव का क्षण हो सकता था, वह दुखद शर्म में बदल गया है. अगर हम थोड़ी सी विनम्रता से हकीकत को कबूल कर ले कि हम कहां खड़े हैं, तो हम विचार कर सकते हैं कि हम इस हाल में कैसे पहुंच गए और इससे भी महत्वपूर्ण यह कि, इस हाल से उबरने का रास्ता क्या है. अब यह बात किसी से छुपी नहीं है कि कोरोना कितना भयावह रूप लेकर इस बार हमारे सामने आया है.

हर राज्य से मामले बढ़ने और मौत के आंकड़े बढ़ने की खबरें आ रही हैं. आंकड़े छुपाने की भी खबरें हैं. शमशान पर अंतिम संस्कार के लिए कतारें लग रही है, तो कहीं जलती हुई चिताओं को छुपाने की कवायद हो रही है. सवाल बार-बार उठ रहा है कि हमारी तैयारी कहां थी? 2 हफ्ते पहले तक यही कहा जाता रहा कि किसी चीज की कोई कमी नहीं है, चाहे वैक्सीन हो, दवाएं हो, ऑक्सीजन हो या अस्पतालों में बेड.

स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार देश में हर दिन हजार से अधिक लोग कोविड-19 से मारे जा रहे हैं. देश के कई अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड नहीं है. कई राज्यों में मरीजों को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल रही है, जिससे उनकी मौत हो जा रही है. बनारस के एक डॉक्टर ने प्रधानमंत्री से ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने की अपील की है.

इन सबके बीच भारत समाचार के ब्रजेश मिश्रा ने बड़ी अपील की है. उन्होंने ट्वीट किया है कि भारत भयानक खतरे की तरफ बढ़ रहा है. आज 2.60 लाख नए केस मिले हैं. वो भी, जब कई राज्यों मे जांचे सीमित है. 1500 देशवासी मारे गए. संकट प्रतिदिन और भयानक होता जा रहा. दुनिया भर की निगाहें भारत पर हैं. देश मुसीबत में है. तत्काल से पहले, कठोर उपाय जरूरी हैं. “टेस्ट बढ़ाओ-कोरोना घटाओ”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here