Brijesh Mishra

पूरे देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर अपने उफान पर है या यूं कह सकते हैं कि बेकाबू है. देश में अब हर दिन संक्रमण के डेढ़ लाख से अधिक केस आ रहे हैं. ऐसा ही चलता रहा तो कुछ दिनों में 200000 से भी ज्यादा के आ सकते हैं. हालत काफी गंभीर है.

स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत कर, तैयारियों के लिए लगभग 1 साल का समय था. लेकिन हमारे नेता खुद की ब्रांडिंग और चुनावी जीत में लगे रहे, चुनावी प्रचार में लगे रहे. लाखों की भीड़ इकट्ठा करके जनता की जान से खेल कर चुनाव प्रचार करते रहे. आज स्थिति भयावह होती जा रही है. ऐसे समय में भी हमारे नेता गंभीर नजर नहीं आ रहे है.

दूसरी लहर ने ऐसी तबाही मचाई है कि पिछले 7 दिनों में 10 लाख से अधिक नए मामले दर्ज हो चुके हैं. इससे पहले 10 दिनों में 10 लाख केस बढ़ रहे थे. चिंता की बात यह है कि नए मामलों के साथ-साथ मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है. पिछले 7 दिनों में 5908 कोरोना संक्रमितो ने अपनी जान गवा दी है.

कोरोनावायरस से उत्तर प्रदेश का हाल भी बेहाल है. उत्तर प्रदेश में एक तरफ कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं तो दूसरी तरफ पंचायत चुनाव भी चल रहे हैं. 15 अप्रैल को पंचायत चुनाव के पहले फेज की वोटिंग है. लेकिन उस से 2 दिन पहले भाजपा सांसद कौशल किशोर ने पंचायत चुनाव की तारीख आगे बढ़ाने की अपील की है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद आइसोलेट हैं. लखनऊ के अंदर कोरोना नरसंहार कर रहा है बड़े पैमाने पर. कोरोना दिन दोगुना रात चौगुना बढ़ता जा रहा है. जिसकी वजह से कई हजार लोग कोरोना की चपेट में रोज आ रहे हैं. उत्तर प्रदेश में कोरोना से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं.

ऐसे में भारत समाचार के एडिटर इन चीफ बृजेश मिश्रा ने एक ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि लखनऊ के शमसान घाट पर लकड़ियां ख़त्म हो गयी है. जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है, अब दूर दराज से लकड़ियां खरीदकर ला रहे हैं, ताकि अंतिम संस्कार कर सके. महाविपत्ति में इस बदइंतजामी के लिए लखनऊ के नगर आयुक्त को ससपेंड कर दिया जाना चाहिए. सक्षम लोगों से आग्रह है मदद पहुंचाए.

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