Anupam Kher.

द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) फिल्म इस समय काफी चर्चा में है. फिल्म जिस तरह से 1990 में कश्मीरी पंडितों का दर्दनाक पलायन हुआ उसको लेकर बनी है. लेकिन इस फिल्म पर कई तरह के आरोप भी लग रहे हैं. राजनीति से प्रेरित होकर एक विचारधारा विशेष को प्रभावित करने और एक समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने के आरोप भी इस फिल्म पर लगातार लग रहे हैं.

इस फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) ने दावा किया था कि लोकप्रिय टीवी शो द कपिल शर्मा शो (The Kapil Sharma Show) में फिल्म की टीम को इस वजह से नहीं बुलाया गया क्योंकि इस फिल्म में कोई बड़ा स्टार नहीं था. जिसके बाद कपिल शर्मा की आलोचना भी हो रही थी.

इस पूरे विवाद पर अभिनेता अनुपम खेर (Anupam Kher) ने एक इंटरव्यू में सफाई देते हुए कहा कि मुझे फोन किया गया था कि मैं शो पर आऊ लेकिन मैंने अपने मैनेजर से कहा कि मैं इस शो पर नहीं जा पाऊंगा. क्योंकि यह गंभीर फिल्म है.

अनुपम खेर के इंटरव्यू के वीडियो को शेयर करते हुए कपिल शर्मा ने लिखा कि थैंक्यू पाजी आपने मेरे ऊपर लग रहे तमाम गलत आरोपों पर सफाई दे दी और उन सब दोस्तों का भी शुक्रिया जिन्होंने बिना सच जाने मुझे इतनी मोहब्बत दीभी. खुश रहिए मुस्कुराते रहिए.

ऐसा माना जा रहा था कि अनुपम खेर के इस बयान और कपिल शर्मा के ट्वीट के बाद यह विवाद अब थम जाएगा. लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है. कपिल शर्मा के ट्वीट पर अनुपम खेर ने भी जवाब दिया. उन्होंने लिखा डियर कपिल शर्मा, मैं उम्मीद कर रहा था कि आप पूरा वीडियो शेयर करेंगे ना कि आधा सत्य.

अनुपम खेर ने आगे लिखा कि पूरी दुनिया फिल्म का जश्न मना रही है, आपको भी आज रात इसका जश्न मनाना चाहिए. मेरा प्यार और प्रार्थना हमेशा आपके साथ हैं. दरअसल अनुपम खेर इस ट्वीट के जरिए विवेक अग्निहोत्री की बात को आगे रखना चाह रहे थे.

आपको बता दें कि इस फिल्म पर कई तरह के आरोप लग रहे हैं और कहा जा रहा है कि कई तथ्यों को इस फिल्म के जरिए दबा दिया गया है. कहा यह भी जा रहा है कि कश्मीरी पंडितों के नाम पर बस फिल्म को चला कर पैसे कमाने का जरिया बना दिया गया है कश्मीरी पंडितों की भावनाओं को इस फिल्म मे.

एक पार्टी और एक विचारधारा विशेष के लोग भी इस फिल्म का खूब प्रमोशन कर रहे हैं. कई बीजेपी शासित राज्यों में इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है. टैक्स फ्री करने को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ खड़े हुए हैं. कहा तो यह भी जा रहा है कि इस फिल्म पर अधिक से अधिक टैक्स लगाया जाना चाहिए और टैक्स के पैसे को कश्मीरी पंडितों के उत्थान के लिए इस्तेमाल करना चाहिए.

कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर बनी फिल्म ऐतिहासिक तथ्यों में छेड़छाड़ की वजह से विवादों में है और इस फिल्म को प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपना समर्थन दे दिया है. उन्होंने कहा है कि ऐसी फिल्में सच्चाई प्रकट करती है. मोदी ने दावा किया है कि इस फिल्म को बदनाम करने की साजिश की गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस फिल्म के आलोचकों पर तंज किया है.

उन्होंने कहा है कि वह लोग गुस्से में हैं, क्योंकि हाल ही में रिलीज हुई फिल्म उस सच्चाई को सामने ला रही है जिसे जानबूझकर छुपाया गया था. उन्होंने कहा कि तथ्यों और कला के आधार पर फिल्म की समीक्षा करने की बजाय इसे बदनाम करने की साजिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि नकारात्मक प्रतिक्रियाएं वह लोग दे रहे हैं, जिन्होंने जानबूझकर कई वर्षों तक सच्चाई को छुपाने की कोशिश की.

हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद इस तथ्य को छुपा लिया और इस पर बात नहीं कि, की आखिर वीपी सिंह की सरकार के वक्त जब कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ, कश्मीर में नरसंहार हुआ, उस वक्त बीजेपी ने समर्थन वापस क्यों नहीं लिया उस समय कि केंद्र सरकार से और आरएसएस से आने वाले जगमोहन, जो जम्मू कश्मीर के राज्यपाल थे, उन्होंने इस नरसंहार को रोकने के लिए अपनी तरफ से क्या किया?

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