Sanjay Nirupam Gandhi family

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस (Congress) को हार का मुंह देखना पड़ा है. बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिली है. तो वहीं पंजाब जो कांग्रेस के लिए वापसी की उम्मीदों वाला राज्य था, वहां भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है और आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला है.

कांग्रेस की हार के बाद एक बार फिर से वह लोग सक्रिय हो गए हैं जो हर वक्त गांधी परिवार (Gandhi family) पर उंगली उठाते हैं. पूरी मीडिया भी इस वक्त गांधी परिवार के खिलाफ प्रोपेगेंडा तैयार करने में लगी हुई है. तमाम लोग गांधी परिवार से सवाल कर रहे हैं और गांधी परिवार से यह उम्मीद कर रहे हैं कि कब वह कांग्रेस की कमान छोड़े.

लेकिन ऐसे वक्त में भी गांधी परिवार के साथ निष्ठावान कांग्रेसी पूरी ताकत के साथ खड़े हैं. क्योंकि उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस मुक्त भारत का जो सपना है, दरअसल वह गांधी परिवार मुक्त कांग्रेस का है और मीडिया भी उसे ही आगे बढ़ा रही है.

कांग्रेस नेता संजय निरूपम (Sanjay Nirupam) ने इसको लेकर एक ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि, हर चुनाव के बाद गाँधी परिवार के खिलाफ एक कैंपेन शुरु होता है. यह एक नया फैशन है. लेकिन गाँठ बाँध लीजिए, गाँधी परिवार कॉंग्रेस का प्राण है. इनके बगैर कॉंग्रेस निर्जीव हो जाएगी. बेशक हार के कारणों की समीक्षा होनी चाहिए. मगर नेतृत्व का नाश करने की कीमत पर नहीं.

आपको बता दें कि कांग्रेस नेतृत्व द्वारा कांग्रेस की एक बैठक बुलाई गई है जिसमें हार के कारणों पर समीक्षा होगी और इसी को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए गए कि, हो सकता है कि गांधी परिवार अपना इस्तीफा इस बैठक में दे सकता है. लेकिन कांग्रेस की तरफ से इन खबरों का खंडन किया गया है और मीडिया को नसीहत भी दी गई है.

आपको बता दें कि चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर जो फैसला राहुल गांधी ने किया था वह पंजाब के अंदर नतीजों के बाद गलत साबित हुआ और प्रियंका गांधी ने जो कुछ भी प्रयोग उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए किया था उसका भी कोई लाभ मिलता हुआ दिखाई नहीं दिया. इसी को लेकर तमाम लोग गांधी परिवार पर हमलावर हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here