Deepak Chaurasia News

निश्चित तौर पर पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि मुगलों के नाम पर देश में एक संप्रदाय विशेष के लोगों के खिलाफ टिप्पणियां लगातार हो रही हैं और उन पर हमलों की कोशिशें भी हो रही हैं और ऐसा करने वालों में अपने आप को पत्रकार कहने वाले लोग भी शामिल रहे हैं. एक तरह से देखा जाए तो मौजूदा मीडिया या यूं कहें कि गोदी मीडिया खुलकर देश के अंदर रह रहे एक समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत फैलाती हुई पाई जाती है.

कई ऐसे एंकर और पत्रकार हैं जो सोशल मीडिया के जरिए एक संप्रदाय विशेष के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिशों में हर वक्त लगे रहते हैं. दीपक चौरसिया (Deepak Chaurasia) का नाम भी इसमें शामिल है. उन्होंने एक बार फिर से एक ट्वीट किया है, जिसके कारण वह सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हो रहे हैं.

दीपक चौरसिया (Deepak Chaurasia) अक्सर मौजूदा सरकार का प्रचार करते हुए, उसके एजेंडे पर बात रखते हुए सोशल मीडिया पर पाए जाते हैं. इस बार भी उन्होंने ऐसा ही कुछ किया. दीपक चौरसिया ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, मुग़लिया इमारतों की परतें उतारिए, हबीब, थापर, गुहा जैसे वामपंथी पक्षपाती इतिहासकार अपनी सोच को लेकर नंगे होते नज़र आएँगे. सच को झूठ का जामा पहनाने वाले, देश को बर्बाद करने में इनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता.

दीपक चौरसिया (Deepak Chaurasia) ने जैसे ही यह ट्वीट किया, सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें खरी-खोटी सुनाने लगे. निसार नमक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि, वफादारी कोई आपसे सीखे इतनी सारी महंगाई हो चुकी है, बेरोजगारी बढ़ चुकी है. फिर भी सरकार से कोई सवाल करने की बजाय तुम अपनी दलाली में व्यस्त हो.

राजेश साहू नामक यूज़र ने दीपक चौरसिया (Deepak Chaurasia) का जवाब देते हुए लिखा कि, देश में इस वक्त एकमात्र भरोसेमंद इतिहासकार रह गए हैं, उनका नाम है ‘दीपक चौरसिया’ नशा करके भी स्टूडियों से जो बात बोल देते हैं वह भी लोग मान लेता है.

विनोद कुमार नामक ट्विटर यूजर की तरफ से दीपक चौरसिया (Deepak Chaurasia) का जवाब देते हुए लिखा गया कि, पहले इतिहास हिस्टोरियन लिखते थें. दुर्भाग्य से आजकल इतिहास हिस्ट्रीशीटर लिख रहा है. वैसे ही पहले पत्रकार सच्चा खबर छापते थें. दुर्भाग्य से आजकल दलाली करते हैं. प्रभु श्री राम इन दोनों से देश की रक्षा करे.

आरिफ अंसारी ने दीपक चौरसिया (Deepak Chaurasia) का जवाब देते हुए लिखा कि, अगर भारत में मुस्लमान ना होते तो तुम जैसे कितने बेरोजगार होते आपको तो मुस्लिमों का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि इनकी वज़ह से आपको रोज़गार मिला हम जानते है. ये आपका कार्य हैं और आप अपने कार्य को अच्छे से कर रहे है और आगे भी अच्छे से करे.

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