Deepender Singh Hooda

देश में कोरोना वायरस की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है. अधिकतर राज्य धीरे-धीरे लॉकडाउन की तरफ बढ़ रहे हैं. दिल्ली में भी एक हफ्ते का लॉकडाउन लगा दिया गया है. चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई है. दिल्ली में तो प्रवासी मजदूर फिर से पलायन को मजबूर हैं.

हॉस्पिटलस के बाहर मरीजों की लंबी कतारें हैं. ऑक्सीजन की किल्लत है बेड उपलब्ध नहीं है. बीमार मरीजों के साथ उनके परिजन भी परेशान हो रहे हैं. एक एक जान कीमती है लेकिन लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. ऐसा लग रहा है सरकार के हाथ से सब कुछ निकल चुका है. UP के भी पांच शहरों में आज रात से 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू करने का फैसला किया गया है.

कोई राज्य मौत के आंकड़े छुपा रहा है तो कोई राज्य किसी और तरह से नाकामी को छुपाने की कोशिश कर रहा है. राज्य सरकारों के साथ-साथ मोदी सरकार पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है. मांग हो रही है पूरे देश में लॉकडाउन लगाकर इस महामारी पर कोई कारगर उपाय करने की, लेकिन अभी तक मोदी सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन लगाने के संकेत नहीं दिए हैं.

पश्चिम बंगाल में अभी कुछ चरण के चुनाव बचे हुए हैं. मोदी सरकार के नेता पश्चिम बंगाल की चुनावी जंग जीतने में लगे हुए हैं. इस बीच प्रधानमंत्री मोदी कोरोना वायरस से निपटने के लिए अलग-अलग लोगों से मीटिंग्स भी कर रहे हैं, ऐसी खबरें आ रही हैं. इन सबके बीच कांग्रेस के नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार को बड़ा संदेश दिया है.

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ये वक्त परिस्थितियों से भागने का नही बेक़ाबू होती स्थिति को स्वीकारने का है. ये वक्त आँकड़े छिपाने का नहीं टेस्टो/vaccination की संख्या बढ़ाने का है. ये वक्त आक्सीजन/beds/दवाओं पर दावे ठोकने का नहीं इनकी उपलब्धता बढ़ाने का है. ये वक्त राजनीति का नही देशवासियों की जान बचाने का है.

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