Rahul

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की मांग को प्रवर्तन निदेशालय ने मान लिया है. अब ईडी राहुल गांधी से सोमवार को पूछताछ करेगी. इसके लिए नए समन जारी किए जाएंगे. आपको बता दें कि नेशनल हेराल्ड केस में ईडी कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बीते 3 दिनों से पूछताछ कर रही है. अब तक करीब 30 घंटे राहुल गांधी से पूछताछ की जा चुकी है.

राहुल गांधी शुक्रवार को ED की पूछताछ में शामिल नहीं होना चाह रहे थे. इसके लिए उनकी तरफ से अपील की गई थी कि इस पूछताछ को सोमवार को कर लिया जाए. अब ईडी ने राहुल गांधी की इस मांग को स्वीकार कर लिया है. सोमवार को पूछताछ के लिए राहुल गांधी को नया समन जारी किया जाएगा. आपको बता दें कि नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी से लगातार पूछताछ हो रही है.

इससे पहले कहा गया था कि शुक्रवार को राहुल गांधी को फिर से ईडी दफ्तर आना होगा. 3 दिनों की पूछताछ की बात करें तो कांग्रेस नेता से ईडी ने कई तरह के सवाल पूछ लिए हैं और यह सवाल मीडिया के जरिए भी बताए जा रहे हैं. हालांकि ईडी के सवाल मीडिया में कैसे लीक हुए हैं इसकी जानकारी अभी तक नहीं आई है. लेकिन मीडिया सूत्रों के हवाले से लगातार सवालों की फेहरिस्त को जनता के सामने रख रही है.

इसके अलावा जिस तरीके से मीडिया में सवालों की लंबी फेहरिस्त बताई जा रही है उसी तरीके से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आंदोलन भी लंबा हो रहा है. जब से राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ शुरू हुई है सड़क पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया है. पुलिस के साथ उनके संघर्ष के रोज नए वीडियो सामने आ रहे हैं. कई नेताओं को हिरासत में भी लिया गया है, कई को चोटें भी आई हैं. लेकिन सभी हर कीमत पर राहुल गांधी का समर्थन करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

आपको बता दें कि ईडी द्वारा जो पूछताछ हो रही है कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से उसने कांग्रेस को एक बार फिर से एकजुट कर दिया है. कांग्रेसियों को अब शायद समझ में आ गया है कि नेता नेता ही होता है, उसके बिना माहौल नहीं बनता. कार्यकर्ता लोग पीछे खड़े नहीं होते बिना नेता के. राहुल को माइनस करके वह जो कांग्रेस बनाना चाह रहे थे G-23 के लोग वह संभव तो पहले भी नहीं था अब बिल्कुल भी नहीं लग रहा है.

ईडी की पूछताछ जिस दिन से शुरू हुई है उसके बाद कांग्रेस में एक माहौल बन गया है. सब राहुल गांधी के साथ खड़े हो गए हैं. जो विरोध में है वह चुपचाप हैं. मतलब राहुल गांधी का डर उन पर बन गया है, जो इससे पहले तक नहीं था. वह राहुल के प्रभाव को ही अस्वीकार करते थे. तो क्या अब राहुल अध्यक्ष बनने के लिए अपना पूरा मन बनाएंगे? अगर नहीं बनाते हैं तो कार्यकर्ताओं का मनोबल पूरी तरीके से टूट जाएगा. जो कार्यकर्ता संघर्ष कर रहे हैं वह राहुल के लिए कर रहे हैं.

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