Arvind Kejriwal Bhagwant Mann

पंजाब विधानसभा चुनाव हुए अभी अधिक दिन नहीं हुए हैं. भले ही आम आदमी पार्टी (AAP) में सरकार बना ली हो, लेकिन जीत दर्ज करना अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के लिए भी आसान नहीं था. कांग्रेस, अकाली दल की तरह केजरीवाल ने भी वादे खूब किए. केजरीवाल जनता की दुखती रग जानते थे और उन्होंने उसका फायदा उठाया.

चुनावी रैलियों में और अपने घोषणापत्र में आम आदमी पार्टी ने पंजाब में फ्री बिजली (Free electricity) का वही कार्ड खेला, जिसकी बदौलत उन्होंने दिल्ली की कुर्सी पर कब्जा किया था. अब जबकि पार्टी जीत चुकी है और भगवंत मान (Bhagwant Mann) के रूप में पंजाब को नया मुख्यमंत्री मिल चुका है. आम आदमी पार्टी की तरफ से पंजाब में किए गए चुनावी वादे को सिर्फ जुमला ना करके धरातल पर लाया गया है.

आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि उन्होंने अपना वादा निभा दिया है. सरकार द्वारा 1 जुलाई से 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी. वहीं सरकार ने 31 दिसंबर तक के कुछ बिजली बिलों को माफ करने का भी फैसला किया है. हालांकि बिजली बिल माफी चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार में भी हुई थी.

लेकिन फ्री बिजली के मद्देनजर लोगों को बड़ी राहत देने की बात आम आदमी पार्टी भले ही कर रही हो, लेकिन कुछ शर्तें भी रखी है. उन शर्तों की आलोचना हो रही है.

शर्तों की बात हो रही है तो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि अगर कोई घर 2 महीने में 600 यूनिट से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करता है तो उन्हें पूरे बिल का भुगतान करना होगा. वहीं उन्होंने अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, बीपीएल परिवार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का भी जिक्र किया और बड़ी बात कही.

भगवंत मान ने कहा है कि इन्हें भी मुफ्त बिजली मिलेगी. लेकिन यदि यह 2 महीने में 600 यूनिट से ज्यादा बिजली उपयोग करते हैं तो केवल अतिरिक्त बिल ही चुकाना होगा. वही मुख्यमंत्री ने अपनी घोषणा में यह भी बताया है कि उद्योगों और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ नहीं बढ़ाए जाएंगे और कृषि क्षेत्र के लिए भी मुफ्त बिजली जारी रहेगी, जो पिछली सरकार में भी थी.

शर्तों के साथ कहीं ना कहीं आम आदमी पार्टी ने पंजाब की जनता को फंसा दिया है. अगर 300 यूनिट से अधिक बिजली का इस्तेमाल होता है तो उसे फ्री बिजली नहीं मिलेगी. अगर आम आदमी पार्टी द्वारा की गई घोषणा का लाभ लेना है 300 यूनिट या फिर उससे कम का उपयोग करना होगा. हालांकि इन शर्तो का जिक्र आम आदमी पार्टी ने चुनावी घोषणा में नहीं किया था.

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