Jp nadda

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से लेकर गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) तक और भाजपा के तमाम नेता पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार में जी जान से लगे हुए हैं. दूसरी तरफ पूरे देश में कोरोना का कहर छाया हुआ है. बीजेपी की चुनावी रैलियों और सभाओं को लेकर लगातार आलोचना हो रही है.

सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक यह बात हो रही है कि, विपक्षी पार्टियां लगातार अपनी चुनावी सभाएं कैंसिल कर रही हैं. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) में अपनी तमाम चुनावी रैलियों को कैंसिल करने का ऐलान कर दिया था. दूसरी तरफ लोगों की जान से अधिक चिंता भाजपा को चुनावी जीत की है.

गृह मंत्री अमित शाह ने अभी हाल ही में तर्क दिया था कि पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार से कोरोना (Corona) मामलों पर कोई असर नहीं हो रहा है. उन्होंने तर्क दिया था कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में सबसे अधिक केस आ रहे हैं और वहां पर चुनाव नहीं है. दिल्ली (Delhi) से लेकर दूसरे राज्यों तक का उदाहरण दिया था अमित शाह ने.

अब एक बार फिर से बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा (Jp nadda) ने कहा है कि, बंगाल में उनकी पार्टी छोटी-छोटी सभाएं करेगी. 500 से अधिक लोग नहीं होंगे. इसका मतलब यही हुआ कि चुनावी सभाएं कैंसिल नहीं करेगी भाजपा और क्या अगर 500 लोग रहते हैं तो कोरोना नहीं फैलेगा? 500 से कम लोगों पर नहीं होगा अधिक पर हो जाएगा?

भाजपा के नेता कैसे तर्कहीन उदाहरण दे रहे हैं और कैसी तर्कहीन बातें कर रहे हैं? ऐसे समय में जब पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है. कुछ लोग ऑक्सीजन की कमी के कारण मर जा रहे हैं तो कुछ लोग हॉस्पिटल में बेड तक के लिए जूझ रहे हैं. लोगों की जान से अधिक चुनावी जीत प्यारी है, ऐसा मान लिया जाए?

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