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देवबंद में चल रहे जमीयत सम्मेलन के दूसरे दिन महमूद असद मदनी ने मुसलमानों से सब्र और हौसला रखने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि अगर वह अखंडता की बात करें तो धर्म है, अगर हम बात करें तो वह तंज माना जाता है. हम तुम्हें बताने की कोशिश कर रहे हैं, डराने की नहीं. तुम डराते हो और हम सिर्फ बता रहे हैं.

मदनी ने कहा कि अपनों को भी और जिनको तुम गैर समझते हो उनको भी डराना बंद करो. हम गैर नहीं हैं इस मुल्क के शहरी हैं. यह मुल्क हमारा है.. अच्छी तरह समझ लीजिए यह हमारा मुल्क है. अगर तुमको हमारा मजहब बर्दाश्त नहीं है तो कहीं और चले जाओ. वह बार-बार पाकिस्तान जाने को कहते हैं हमें पाकिस्तान जाने का मौका मिला था जिसे हमने रिजेक्ट कर दिया था.

प्रोफेसर मौलाना नोमानी शाहजहांपुरी ने कॉमन सिविल कोड पर प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ को खत्म करने के लिए सरकार कॉमन सिविल कोड लाना चाहती है, जो बर्दाश्त नहीं होगा. शादी, तलाक जैसी चीजें मजहबी हिस्सा है. मुल्क के हर शहर को आजादी का हक हासिल है. मुसलमान अपने मजहबी लॉ में कोई बदलाव मंजूर नहीं करेंगे. अगर सरकार ऐसा करती है तो हम हर तरह के विरोध को मजबूर होंगे.

आपको बता दें कि कांफ्रेंस की शुरुआत में जमीयत उलेमा-ए-हिंद का सत्र 2022-23 का बजट पेश किया गया. इस सत्र का बजट ₹133370000 का रखा गया है. इसमें दीनी तालीम और स्कॉलरशिप पर 10000000 रुपए खर्च होंगे. डेढ़ करोड़ रुपए जमीयत एंड फंड रिलीज के लिए आरक्षित किए गए हैं. पिछले सत्र में करीब 8 करोड़ रुपए का बजट था, जो इस बार करीब 50000000 बढ़ गया है. जमीयत की नेशनल कांफ्रेंस में इस बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.

प्रस्ताव जो पारित हुए

देश में नफरत के बढ़ते दुष्प्रचार को रोकने के उपायों पर विचार करना होगा. प्रतिक्रियावादी और भावनात्मक रवैया अपनाने के बजाय एकजुट होकर चरमपंथी फासीवादी ताकतों का मुकाबला करना होगा. इस्लामोफोबिया की रोकथाम के विषय में प्रस्ताव. हर साल 15 मार्च को इस्लामोफोबिया की रोकथाम का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाएगा. यहां हर प्रकार के नक्सलवाद और धार्मिक भेदभाव को मिटाने का संकल्प लिया जाएगा.

सद्भावना मंच को मजबूत किया जाए. इसके तहत जमीयत देशभर में 1000 से ज्यादा जगहों पर सद्भावना संसद आयोजित करेगी. इसमें सभी धर्म के प्रभावशाली लोग बुलाए जाएंगे. सद्भावना संसद का मकसद धर्म संसद के घृणास्पद व्यक्तियों और समूहों के प्रभाव को खत्म करना होगा.

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