Sachin Pilot update

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने सचिन पायलट (Sachin Pilot) से मुलाकात की है. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से पहले सचिन पायलट कुछ ही दिन पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिले थे. आलाकमान के साथ मीटिंग सचिन की लगातार जारी है. सचिन ने उत्तर प्रदेश चुनाव में भी प्रियंका गांधी के साथ खूब चुनाव प्रचार किया था.

पिछले दिनों जब राजस्थान में राजनीतिक उठापटक हुई थी उस समय अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने सचिन को निकम्मा और नालायक जैसे शब्दों से नवाजा था, लेकिन सचिन पायलट की तरफ से किसी भी तरह की गलत प्रतिक्रिया नहीं दी गई. सिंधिया की तरफ बीजेपी ज्वाइन करने के सवाल पर उन्होंने हमेशा कहा कि मैं कहीं नहीं जा रहा हूं.

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कई स्टार प्रचारक थे. लेकिन ज्यादातर लोगों ने चुनाव प्रचार नहीं किया. लेकिन सचिन पायलट को जहां बुलाया गया वहां वह गए और कांग्रेस के लिए खूब प्रचार किया. इस बीच अब सचिन की मुलाकात लगातार गांधी परिवार से हो रही है. लेकिन इसके उलट अशोक गहलोत के तेवर भी अभी बदले नहीं है.

सचिन पायलट से मिलने से पहले सोनिया गांधी ने अशोक गहलोत से मुलाकात की. इस वक्त प्रशांत किशोर को पार्टी ज्वाइन करने की बात चल रही है और कांग्रेस को नए सिरे से तैयार करने की बात हो रही है, तो निश्चित तौर पर सचिन पायलट को कुछ उम्मीदें जरूर है. सोनिया गांधी अब हर मुद्दे पर सीधे हस्तक्षेप कर रही हैं.

सोनिया गांधी के सीधे हस्तक्षेप से एक बात तो साफ हो गई है कि पंजाब की तरह वह बच्चों की जिद के आगे आंख मूंदकर कांग्रेस के निर्देशों पर दस्तखत नहीं करने वाली हैं. पंजाब में तमाम एक्सपेरिमेंट के बाद भी सत्ता गंवानी पड़ी. राहुल प्रियंका को मलाल हो ना हो, सोनिया गांधी को अफसोस तो जरूर होगा. ऐसे में लग रहा है कि सोनिया गांधी पंजाब में कांग्रेस को मिली सबक के हिसाब से सोच समझकर कोई फैसला लेगी.

सचिन पायलट को लेकर क्या तैयारी आलाकमान की?

शुरू से लेकर अब तक अगर देखा जाए तो सचिन पायलट ज्यादातर खामोश ही रहे हैं. जब कभी बोलते हैं तो बड़े ही नपे तुले शब्दों में अपनी बात कहते हैं. मुद्दों पर फोकस रखते हैं. अपने स्टैंड पर सफाई देने से ज्यादा कुछ भी बोलने से परहेज करते हैं. लेकिन इसके उलट अशोक गहलोत हमेशा ही सचिन पायलट के प्रति आक्रामक हो जाते हैं.

सचिन पायलट ने बताया है कि संगठन के चुनाव चल रहे हैं और पार्टी को मजबूत करने पर सोनिया गांधी से चर्चा हुई है. राजस्थान के राजनीतिक हालात पर उनके फीडबैक पर बात हुई है. राजस्थान सरकार ने भी कमेटी बनने के बाद कुछ उपयोगी कदम उठाए हैं. आगे काम करना है, ताकि संगठित होकर 2023 के विधानसभा चुनाव में दोबारा से सरकार बनाई जा सके.

सोनिया गांधी के मुलाकात के बाद जो महत्वपूर्ण बात कहीं सचिन पायलट ने वह यह थी कि, अच्छी मुलाकात हुई… मुझे लगता है कि आने वाले समय में मिलकर आगे बढ़ेंगे.

लेकिन सवाल यह है कि जो अशोक गहलोत हमेशा सचिन पायलट को लेकर आक्रामक रहते हैं, क्या वह यह सब बर्दाश्त करेंगे? अशोक गहलोत ने एक बार फिर से सचिन पायलट की बगावत को याद दिलाया है. उनकी बातों से साफ लग रहा है कि वह सचिन पायलट की गांधी परिवार से मुलाकात रोकने में नाकाम रहे हैं. गहलोत को यह लग गया है कि सोनिया गांधी अब एकतरफा कुछ भी नहीं करने वाली है. दोनों को सुनकर और सोच समझ कर ही कोई फैसला लेने वाली है.

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