Surya Pratap Singh. Twitt

उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजे 10 मार्च को जनता के सामने होंगे. 10 मार्च को ही पता चलेगा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार रहेगी या फिर समाजवादी पार्टी की वापसी होगी या फिर कांग्रेस ने कोई चमत्कार किया है. बहन मायावती का राजनीतिक भविष्य भी 10 मार्च को तय हो जाएगा.

लेकिन उत्तर प्रदेश से जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक अफसरशाही में हलचल मची हुई है. पिछले दिनों खबरें आई थी कि योगी आदित्यनाथ के करीबी अफसर अंदर खाने अखिलेश यादव से मुलाकात कर रहे हैं या फिर मुलाकात करने की कोशिश में है.

इसके अलावा अयोध्या डीएम के आवास के बोर्ड की तस्वीर भी खूब वायरल हुई थी. जो पहले भगवा रंग की थी. उसके बाद फिर से हरा कर दिया गया और फिर बाद में जब यह खबर तेजी से फैली तो लाल रंग से रंग दिया गया और अब सुनने में आ रहा है कि इस मामले में एक अफसर को सस्पेंड भी किया गया है.

उत्तर प्रदेश से आ रही खबरों को लेकर लोगों में उत्सुकता है और इसी को लेकर रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह (Surya Pratap Singh) ने एक ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि, जिन अधिकारियों ने ‘टोंटी उखाड़ी’ थी वही आज दरवाज़ा बंद कर के एक एक नल खुद लगवा रहे हैं. अधिकारी कहीं पेंटर, कहीं प्लंबर तो कहीं मैकेनिक बने हुए हैं. यही सत्ता परिवर्तन की आहट है.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में आखिरी चरण का मतदान होना है. मतदान 7 तारीख को है, लेकिन उसके लिए तमाम राजनैतिक दल एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं. जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस में रोड शो किया और आखिरी चरण के मतदाताओं को साधने की कोशिश की, वहीं प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने भी बनारस पहुंच कर आखिरी चरण के लिए मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को संदेश दिया.

इसके अलावा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बनारस के अंदर रोड शो किया और अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार की वापसी के दावे कर रहे हैं तो वही अखिलेश यादव कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के बाबा की विदाई तय है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here