Bint-e-Faisal Al Qasim Sudhir Chaudhary

भारतीय पत्रकार और टीवी एंकर सुधीर चौधरी (Sudhir Chaudhary) अक्सर अपने कार्यक्रमों के जरिए एक धर्म विशेष के खिलाफ बोलते हुए नजर आ जाते हैं या यूं कहें कि एक पार्टी विशेष के समर्थन में प्रचार करते हुए एक पार्टी विशेष की नीतियों का बचाव करते हुए एक नेता विशेष का प्रचार करते हुए एक धर्म विशेष के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाते नजर आते हैं.

सुधीर चौधरी कि इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए अब अबू धाबी में होने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट्स कार्यक्रम की लिस्ट से हटा दिया गया है. सुधीर चौधरी पहले इस कार्यक्रम में बतौर स्पीकर शामिल होने वाले थे.

लेकिन यूएई की प्रिंसेज हेंड बिंत-ए-फैसल अल कासिम (Bint-e-Faisal Al Qasim) ने उनके कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल उठाए थे. उन्होंने भारतीय पत्रकार सुधीर चौधरी को आतंकवादी तक कह दिया था. जिसके बाद आयोजकों को भारतीय पत्रकार सुधीर चौधरी का नाम कार्यक्रम से हटाना पड़ा.

यूएई की प्रिंसेज हेंड बिंत-ए-फैसल अल कासिम ने कहा कि एक भारतीय एंकर जो सुबह सा मुसलमानों का अपमान करता है. उन्हें उस देश में बोलने और सम्मान करने के लिए आमंत्रित किया जाता है जिसका वह हर वक्त अपमान करता है. इसके बाद प्रिंसेज हेंड बिंत-ए-फैसल अल कासिम ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया आबू धाबी के सदस्यों द्वारा जारी किए गए एक पत्र को ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि सुधीर चौधरी अबू धाबी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के वक्ताओं के पैनल से बाहर हो गए हैं.

बिंत-ए-फैसल अल कासिम ने ट्वीट कर सुधीर चौधरी पर फर्जी खबरें, इस्लामोफोबिया और सांप्रदायिक नफरत फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने सवाल किया है कि क्या हमें एक गैर पेशेवर पत्रकार को एक मंच पर और यहां की जनता के बीच आमंत्रित करना चाहिए? क्या इस तरह के कदम उठाकर हमें हमारी गरिमा और सम्मान को कम करना चाहिए?

उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि सुधीर चौधरी अपने इस्लामोफोबिक शो के लिए जाने जाते हैं और भारत के 200 मिलियन मुसलमानों को निशाना बनाते हैं. उन्होंने लिखा है कि उसके प्राइम टाइम शो ने देशभर में मुसलमानों पर हो रही हिंसा को बढ़ावा दिया है.

आपको बता दें कि सुधीर चौधरी के कार्यक्रमों का विरोध भारत के अंदर भी होता है. क्योंकि वाह लगातार एक समुदाय को निशाना बनाते रहते हैं. कोरोना के समय तब्लीगी जमात को जिस तरह से उन्होंने निशाना बनाया था उसकी भी काफी आलोचना हुई थी भारत के अंदर और बाद में सुप्रीम कोर्ट से फटकार भी सुनने को मिली थी भारतीय चैनलों को.

किसान आंदोलन को भी सुधीर चौधरी ने जिस तरह से बदनाम करने की कोशिश की है वह भी भारत के अंदर लोग देख रहे हैं. सरकार के पक्ष में माहौल बनाने के लिए सुधीर चौधरी ने किसानों को बदनाम करने की हर सीमा पार कर दी. किसानों को नकली किसान बताने से लेकर खालिस्तानी तक है बताया है.

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