Exit Polls 2022

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए वोटिंग की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है. चुनाव परिणाम 10 मार्च को आ जाएंगे. लेकिन सभी राज्यों के लिए एग्जिट पोल (Exit Polls 2022) के नतीजे अलग-अलग मीडिया चैनल अपने अपने हिसाब से अलग-अलग सीटों के अनुमान के तहत दे रहे हैं.

पंजाब

पांच राज्यों के एग्जिट पोल मेंस्ट्रीम मीडिया पर दिखाए जा रहे हैं जिसमें कांग्रेस का पूरी तरीके से बायकॉट किया जा रहा है. यह एग्जिट पोल ठीक 2017 की तरह दिखाए जा रहे हैं, जिसमें पंजाब के अंदर मीडिया ने आम आदमी पार्टी की सरकार बनवा दी थी.

देश के एक प्रमुख चैनल पर हेड लाइन पंजाब को लेकर चलाई जा रही है जिसका शीर्षक है पंजाब में जमकर चली AAP की झाड़ू, चन्नी चित तो अकाली अमरिंदर भी औंधे मुंह गिरे. एग्जिट पोल में पंजाब में कांग्रेस को पूरी तरीके से खत्म बताया जा रहा है 19 से 30 सीटों के बीच कांग्रेस सिमटती हुई बताई जा रही है.

केजरीवाल के बारे में कहा जाता है कि बीजेपी की तरह ही मीडिया को कैसे मैनेज करना है यह केजरीवाल को भली-भांति पता है. केजरीवाल जमकर मीडिया पर पैसा खर्च करते हैं, मीडिया को जमकर केजरीवाल सरकार विज्ञापन देती है और उसी लिहाज से ठीक 2017 की तरह 2022 में भी पंजाब के अंदर आम आदमी पार्टी की सरकार बनती हुई दिखाई जा रही है.

दैनिक भास्कर के सर्वे में बताया जा रहा है कि पंजाब के अंदर किसी को भी बहुमत मिलता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है. आम आदमी पार्टी को 38 से 44 सीटें दैनिक भास्कर दे रहा है. जबकि अकाली दल को 30 से 39 सीट तक दे रहा है. कांग्रेस को दैनिक भास्कर के सर्वे में भारी नुकसान बताया जा रहा है. कांग्रेस को दैनिक भास्कर 26 से 32 सीटें दे रहा है. इसके अलावा बीजेपी को भी दैनिक भास्कर 7 से 10 सीटें दे रहा है.

उत्तराखंड

उत्तराखंड को लेकर एबीपी न्यूज़ ने जो सर्वे दिखाया है उसमें मुश्किल से कांग्रेस की वापसी बताई जा रही है. हालांकि सीटों के मामले में इस सर्वे में बीजेपी ज्यादा पीछे नहीं दिखाई जा रही है. कांग्रेस को एबीपी न्यूज़ उत्तराखंड में 32 से 38 सीटें दे रहा है. जबकि बीजेपी को 26 से 32 सीटें.

इसका मतलब साफ है कि जो सर्वे दिखाया जा रहा है उसमें अधिकतर राज्यों में बीजेपी या फिर गैर कांग्रेसी सरकार बताई जा रही है और किसी एक राज्य में मुश्किल से एग्जिट पोल में कांग्रेस की सरकार बनती ही दिखाई जा रही है.

गोवा-मणिपुर

गोवा के जो एग्जिट पोल जारी हुए हैं उसमें साफ बताया जा रहा है कि 40 सीटों वाले इस राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर होगी. हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में जनता ने कांग्रेस को बहुमत दिया था लेकिन कांग्रेस के विधायकों को तोड़कर बीजेपी ने गोवा के अंदर सरकार बना ली थी. इस बार कड़ी टक्कर दिखाई जा रही है. जबकि पिछली बार बीजेपी का सफाया गोवा से हो गया था.

इसके अलावा तमाम न्यूज़ चैनलों पर जो एग्जिट पोल दिखाया जा रहा है उसमें मणिपुर में एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बनती हुई बताई जा रही है. बीजेपी को 32 से 38 सीटें मिल रही है. जबकि कांग्रेस 12 से 17 के बीच सिमट रही है और अन्य के खाते में 5 से 10 सीटें बताई जा रही हैं. इन चैनलों पर जो एग्जिट पोल दिखाए जा रहे हैं उसका आधार क्या है,किसी को नहीं पता. इसकी विश्वसनीयता एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं. सटीकता कम विज्ञापन के दम और टीआरपी की होड़ ज्यादा लग रही है.

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में भी वोटिंग आज खत्म हो गई है. उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल भी शुरू हो चुकी है. उत्तर प्रदेश को लेकर उत्सुकता भी अधिक है और यहां भी मीडिया चैनलों में टीआरपी का खेल अपने चरम पर दिखाई दिया, एग्जिट पोल को लेकर. बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विज्ञापनों के जरिए मीडिया चैनलों को अच्छी खासी फंडिंग करती है, उसका असर ही शायद एग्जिट पोल नतीजों में दिख रहा है.

रिपब्लिक भारत के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 240 प्लस सीटें मिल रही है. वहीं कांग्रेस को 0 सीट रिपब्लिक भारत के एग्जिट पोल में दी गई है. समाजवादी पार्टी को 140 प्लस सीटें दी गई हैं. बसपा को 17 प्लस सीट दी गई है तथा अन्य को 2 सीटें दी गई हैं. रिपब्लिक भारत के मुताबिक उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी अपनी सीट हार रहे हैं, जो मोदी लहर में भी पिछली बार जीत कर आए थे.

TV9 भारतवर्ष के सर्वे में बीजेपी को उत्तर प्रदेश में 211 से 225 सीटें मिल रही है. वहीं कांग्रेस को 4-6 से के बीच समेटा जा रहा है. समाजवादी पार्टी को 146 से 160 सीटों के बीच बताया जा रहा है. वहीं बसपा को 14 से 24 सीटें मिल रही हैं तथा अन्य को TV9 भारतवर्ष 0 दे रहा है.

जिन छात्रों को प्रयागराज में उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार के रहते हुए लाठी और डंडों से मारा गया था, हॉस्टल के अंदर घुसकर मारा गया था, क्या उन छात्रों ने फिर से उत्तर प्रदेश के अंदर बीजेपी को वोट दे दिया है, एग्जिट पोल से तो यही लग रहा है. महामारी के दौर में स्वास्थ्य व्यवस्था जिस हिसाब से उत्तर प्रदेश की चरमराई हुई नजर आई थी और जिन लोगों ने अपनों को खोया था, क्या उन्होंने फिर से बीजेपी को वोट दे दिया है? एग्जिट पोल में जो प्रचंड बहुमत बीजेपी को दिखाया जा रहा है, उससे तो यही लग रहा है.

एग्जिट पोल के मायने?

जिस तरह से उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सत्ता परिवर्तन होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है मीडिया चैनलों के एक्जिट पोल में, उससे तो यही लग रहा है कि जनता को महंगाई से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतों से जनता को दिक्कत नहीं है तथा कृषि कानूनों का और किसान आंदोलन का भी असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नहीं पड़ा है.

कम विधानसभा सीटों वाले राज्यों में एग्जिट पोल में टक्कर बताई जा रही है. तथा बड़े राज्यों में बीजेपी की सरकार बनवा रहा है एग्जिट पोल तथा पंजाब आम आदमी पार्टी को बहुमत मिल रहा है एग्जिट पोल के हिसाब से, उस आम आदमी पार्टी को जिसने तीनों कृषि कानूनों को संसद में पास होने के बाद सबसे पहले अपनी विधानसभा में मंजूरी दी थी.

मीडिया चैनलों पर टीआरपी की होड़ में आज से शुरू हुई एग्जिट पोल की दुकान एग्जैक्ट नतीजे आने के पहले तक चलेंगी. आज जहां बीजेपी को अधिक सीटें दिखाई गई है, हो सकता है कल के एग्जिट पोल में कुछ सीटें कम कर दी जाए या फिर थोड़ी और बढ़ा दी जाए.

आज जिस राज्य में कांग्रेस को थोड़ी कम सीटें दिखाई जा रही हो सकता है, कल के एग्जिट पोल में थोड़ी बढ़ाकर दिखाई जाए. यही है इस एग्जिट पोल की हकीकत. क्योंकि एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पिछले कुछ सालों से सवालों के घेरे में है. आज कुछ और एग्जिट पोल दिखाया जा रहा है. तमाम पार्टियों को जो सीटे बताई जा रही हैं, कल वाले एग्जिट पोल में उन सीटों में काफी अंतर नजर आएगा. उसके अगले दिन फिर कुछ और अंतर इन्हीं एग्जिट पोल में दिखाया जाएगा. इससे साफ है कि एग्जिट पोल के माध्यम से मीडिया टीआरपी की होड़ में लगी हुई है, जो आने वाले 3 दिन तक चलेगी.

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