Gotabaya Rajapaksa

श्रीलंका में आर्थिक हालातों से त्रस्त प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को राष्ट्रपति आवास पर कब्जा कर लिया, जिसके बाद राष्ट्रपति राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) अपने आवास को छोड़कर भाग गए. रक्षा सूत्रों की ओर से राष्ट्रपति राजपक्षे के भागने का दावा किया गया है. वहीं प्रदर्शनकारियों ने सांसद रजिता सेनारत्ने के घर पर भी हमला किया है.

श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने स्थिति पर चर्चा करने और त्वरित समाधान के लिए पार्टी नेताओं की आपात बैठक बुलाई है. प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने स्पीकर से संसद सत्र बुलाने की अपील की है. बताया जा रहा है कि कोलंबो स्थित राष्ट्रपति आवास को प्रदर्शनकारियों ने दोपहर में घेर लिया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राजपक्षे के आधिकारिक आवास पर जमकर तोड़फोड़ भी की है और आवास पर कब्जा कर लिया है.

श्रीलंका में बिगड़ते आर्थिक संकट के बीच राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर आज सरकार विरोधी रैली चल रही है. उधर रैली के दौरान श्रीलंका की पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई है. हिंसक झड़पों में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है.

श्रीलंका के हालत इस कदर खराब है कि बीते कई महीनों से हर दिन 10 घंटे से अधिक पावर कट श्रीलंका में लग रहे हैं. ईंधन की भारी कमी है और इस वजह से बिजली नहीं बन पा रही है. हुकूमत के पास इतनी विदेशी मुद्रा नहीं बची है कि वह दूसरे देशों से कोयला और तेल खरीद सके. पेट्रोल और डीजल की कमी की वजह से लोगों को पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है.

पिछले दिनों खबर आई थी कि कागज खत्म होने की वजह से स्कूलों में परीक्षाओं को टालना पड़ा. अस्पतालों में ऑपरेशन और सर्जरी के काम भी रोकने पड़े थे. लोग खाने पीने के लिए बहुत कम सामान खरीद पा रहे हैं. लोगों के घर का खर्च 3 गुना तक बढ़ गया है और दूध, पाउडर, चावल, दाल के लिए भी उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ रहा है. दवाई या तो बहुत महंगी हो गई है या मिल नहीं रही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here