Abhisar Sharma

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अक्सर प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) की आलोचना करते रहते हैं. ऐसा कोई मुद्दा नहीं है जिस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी सहमत हो. विपक्ष में राहुल गांधी ही एकलौता नेता है जो मोदी सरकार की हरनीति का खुलकर विरोध करते हैं.

पिछले दिनों संसद में दिए गए राहुल गांधी के भाषण की खूब तारीफ हुई थी. कहा जा रहा था कि राहुल गांधी द्वारा दिया गया भाषण ऐतिहासिक था. राहुल गांधी के विरोधियों ने भी राहुल गांधी के भाषण की तारीफ की थी. राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि इस वक्त देश में प्रधानमंत्री नहीं है बल्कि राजा है.

राहुल गांधी के कहने का मतलब यह था कि प्रधानमंत्री मोदी एक लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री की तरह व्यवहार नहीं कर रहे हैं, बल्कि वह ऐसा व्यवहार कर रहे हैं मानो वह इस देश के शासक हैं और जनता उनकी प्रजा. राहुल गांधी की बातों को प्रधानमंत्री मोदी खुद सही साबित करते हुए दिखाई दे रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने एक ऐसा भाषण दिया है, जैसे वह इस देश के राजा हो और जनता प्रजा.

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में प्रधानमंत्री मोदी ने एक महिला का जिक्र किया और कहा कि महिला ने कहा है कि हमें मोदी जी राशन दे रहे हैं, खाने की चीजें दे रहे हैं. हमने उनका नमक खाया है, तो गद्दारी नहीं करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महिला की बातें वह हमेशा याद रखेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महिला ने (बूढ़ी अम्मा ने) “नमक खाया है मोदी का” इस शब्द का जिक्र किया था प्रधानमंत्री मोदी ने.

तो क्या प्रधानमंत्री मोदी यह कहना चाह रहे हैं कि वह इस देश के राजा हैं और इस देश की जनता और वह महिला राजा की प्रजा है? क्या प्रधानमंत्री मोदी यह कहना चाह रहे हैं कि जो नमक और राशन दिया जा रहा है सरकार की तरफ से वह प्रधानमंत्री मोदी अपने पास से दे रहे हैं, उसमें जनता के टैक्स का पैसा नहीं लग रहा है, राजा अपने पास से प्रजा को दे रहा है, ताकि प्रजा नमक का फर्ज अदा करें?

क्या प्रधानमंत्री मोदी ने अपना कोई फिक्स डिपाजिट तोड़कर जनता को नमक और खाने की दूसरी चीजें मुहैया कराई हैं, उसमें जनता के टैक्स का पैसा नहीं है? क्या वह प्रधानमंत्री मोदी का खुद का पैसा है? प्रधानमंत्री मोदी किस बात का एहसान जता रहे हैं? क्या प्रधानमंत्री मोदी राहुल गांधी की बातों को सही साबित कर रहे हैं कि मोदी इस वक्त देश के प्रधानमंत्री की तरह नहीं बल्कि एक राजा की तरह व्यवहार कर रहे हैं?

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कही गई इस बात की सोशल मीडिया पर भी काफी आलोचना हो रही है. कई वरिष्ठ पत्रकार प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए इस भाषण की आलोचना कर रहे हैं. वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा (Abhisar Sharma) ने ट्वीट करके लिखा है कि, नहीं मोदी जी. उस बुजुर्ग महिला ने “आपका” नमक नहीं खाया है. सरकारी योजनाओं से जनता को मिल रही राहत किसी व्यक्ति विशेष की मेहरबानी नहीं. आप भूल गए के आप देश के पीएम हैं , राजा नहीं. ये निहायत ही सामंती सोच है जिसका परिचय एक सार्वजनिक मंच से दिया गया.

इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी ने समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल को आतंकवाद से जोड़कर अजीब सी तुकबंदी की है, जिसकी सोशल मीडिया पर भी काफी आलोचना हो रही है.

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