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रूस और यूक्रेन युद्ध का अंजाम क्या होगा और कितने दिन तक यह युद्ध चलेगा यह अभी कहा नहीं जा सकता. लेकिन इस बीच चीन ने अमेरिका को नई धमकी दे दी है. चीन का कहना है कि ताइवान की स्वतंत्रता के लिए समर्थन दिखाने की कोशिश करना अमेरिका को भारी पड़ सकता है.

मंगलवार को चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी कि इसके लिए उसे भारी कीमत चुकानी होगी. आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने पूर्व अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को ताइवान भेजा था. रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद ही ताइवान ने कहा था कि चीन भी ऐसे समय में उस पर हमला कर सकता है.

चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे अपने अधीन लाने का फैसला कर चुका है. ताइवान की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ताइवान के विदेश मंत्री ने ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के पूर्व अमेरिकी अध्यक्ष माइक एडमिरल मुलेन की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया. ताइवान के साथ नजदीकियां बढ़ाने की अमेरिकी कोशिश चीन बौखला गया है.

चीन ने पिछले कुछ महीनों में ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र में वायु सेना के सैकड़ों जेट भेजे हैं और सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है. इसके साथ ही नौ सैनिक बलों को भी तैयार किया हुआ है. ताइवान और अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन पर रूस के हमले से चीन के ताइवान पर जबरन कब्जा करने की धमकी पर नए सिरे से ध्यान दिया गया है.

चीन की तरफ से कहा गया है कि अमेरिका ताइवान की स्वतंत्र अलगाववादी ताकतों को प्रोत्साहित करने का इरादा रखता है तो इससे केवल उसका नुकसान होगा और अमेरिका को इस साहसिक काम के लिए भारी कीमत चुकानी होगी. चीन ने कहा है कि अगर अमेरिका ऐसा करके चीन को डराना चाहता है तो चीन एकजुट है और कथित सैन्य प्रतिरोध रद्दी के अलावा और कुछ नहीं होगा.

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