Mukhtar Ansari.

AIMIM ने मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया है. एआईएमआईएम के यूपी अध्यक्ष शौकत अली कहा है कि उनकी पार्टी मुख़्तार अंसारी को पार्टी में लेने के लिए तैयार है और अगर मुख़्तार चाहेंगे तो यकीनन उन्हें टिकट भी दिया जाएगा.

शौकत अली का कहना है कि जबतक कोई सज़ायाफ्ता न हो जाये, वो दोषी नहीं है. चाहे वो अतीक़ अहमद हों या मुख़्तार अंसारी, ये विचाराधीन लोग हैं. शौकत ने आरोप लगाते हुए कहा कि सभी मुसलमान शोषित वंचित समाज का हिस्सा हैं जिनपर गलत तरीक़े से कार्रवाई हो रही है. शौकत अली ने मायावती से सवाल किया कि घोसी सीट से बीएसपी सांसद अतुल राय पर रेप का मामला दर्ज है, वो क्यों मायावती को दूध के धुले लगते हैं.

उन्होंने कहा कि बीजेपी और सपा आपस में मिले हुए हैं और एआईएमआईएम से बौखलाए हुए हैं, इसीलिए ओवैसी पर मुक़दमा दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि मस्ज़िद को लेकर ओवैसी ने कोई ऐसी बात नहीं कही जिससे वैमनस्यता फैले, इसलिए झूठे मुक़दमे दर्ज किये जा रहे हैं.

बता दें कि बीएसपी ने माफिया डॉन और बाहुबली नेता मुख़्तार अंसारी से किनारा कर लिया है. बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने आज मुख़्तार अंसारी का टिकट काटने का एलान किया. मायावती ने मऊ सीट से मुख़्तार अंसारी की जगह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर को उतारने का एलान किया है. मायावती ने अपने बयान में कहा है कि इस बार के यूपी चुनाव में कोशिश करेंगी कि किसी भी बाहुबली और माफिया को पार्टी से चुनाव न लड़ाया जाए.

इसी के मद्देनज़र मुख़्तार अंसारी की जगह भीम राजभर के नाम को फ़ाइनल किया गया है. भीम राजभर 2012 में भी मऊ सीट से बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन उस वक़्त कौमी एकता दल से चुनाव लड़ने वाले मुख़्तार अंसारी ने उन्हें क़रीब 6 हज़ार वोट से हराया था.

ओवैसी और मुख़्तार के मामले में समाजवादी पार्टी प्रवक्ता/एमएलसी उदयवीर सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी का एम-वाई जैसा कोई फॉर्मूला नहीं है. सपा में 500 से ज़्यादा लोग ज्वाइन कर चुके हैं लेकिन सवाल सिर्फ अंसारी परिवार पर होता है. अंसारी परिवार के लोग हमारी पार्टी में थे, अब वापस आये तो सवाल क्यों किये जा रहे हैं. मुख़्तार अंसारी सपा में आएंगे या नहीं इसपर हम कुछ नहीं कह सकते. इसका फ़ैसला सिर्फ पार्टी अध्यक्ष ले सकते.

मोदी-योगी के खिलाफ की विवादित बयानबाजी

एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर यूपी के बाराबंकी जिले में केस दर्ज किया है. आरोप है कि ओवैसी ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए भड़काऊ भाषण दिया. ट्रिपल तलाक और बाराबंकी में मस्जिद गिराए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विवादित बयानबाजी की. दरियाबाद सीट से भाजपा विधायक सतीश शर्मा ने भावनाएं आहत करने की शिकायत की थी.

इसके बाद ओवैसी पर नगर कोतवाली में सिटी पुलिस चौकी प्रभारी हरिशंकर साहू की तहरीर पर बिना अनुमति जनसभा करने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धारा 144 और महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है. सभा में 50 लोगों की परमिशन के बावजूद भारी जनसमूह को इकट्ठा किया गया. हालांकि, अनुमति केवल चाय-पार्टी और मुलाकात के लिए मांगी गई थी. इसके बावजूद बड़े मैदान में बाकायदा मंच बनाकर जनसभा करा दी गई.

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