Modi government1

मोदी सरकार (Modi government) ने पेट्रोल पर पांच और डीजल पर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है. यह फैसला बुधवार से लागू होगा. बता दें कि पिछले कुछ महीनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा देखा गया. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 110 रुपये चार पैसे प्रति लीटर की दर से बिक रहा है.

वहीं एक लीटर डीजल की कीमत 98 रुपये 42 पैसे है. देश के कई हिस्सों में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 120 रुपये से अधिक है. ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार मोदी सराकर को निशाने पर ले रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज ही ट्वीट कर कहा, दीपावली है. महंगाई चरम पर है. यह व्यंग्य की बात नहीं है. काश, मोदी सरकार के पास जनता के लिए एक संवेदनशील दिल होता.

आपको बता दें कि उपचुनाव में बीजेपी को कई जगहों पर करारी हार का सामना करना पड़ा है और कुछ जगहों पर तो जमानत तक जब्त हो गई है. बढ़ती हुई महंगाई जनता के बीच मुद्दा बनता जा रहा है. बीजेपी अभी तक इस मुद्दे पर खामोश थी लेकिन उपचुनाव में हार के बाद शायद इन्हें समझ में आया है.

पेट्रोल और डीजल को लेकर जो फैसला लिया गया है उस फैसले पर मीडिया इसे मोदी सरकार द्वारा जनता के लिए राहत बता रही है. दूसरी तरफ जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ती है तो बीजेपी के नेता कहते हैं कि यह हमारे हाथ में नहीं है, तो फिर सवाल यह हुआ कि कीमतें कम करना सरकार के हाथ में है? कहीं ना कहीं सरकार जनता के साथ खेल रही है.

कुछ पैसों की बढ़ोतरी रोजाना करके पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छूने लगी है. उसमें से अब 5 और ₹10 की कटौती करने के बाद भी जनता को कुछ खास राहत नहीं मिलने वाली है, लेकिन फिर भी मीडिया इसे मोदी द्वारा दिया गया तोहफा बता रही है. यह तो आने वाले वक्त में ही पता चलेगा कि जनता मोदी सरकार के इस फैसले से कितना खुश है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here