Pragya Mishra twitt.

राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैया की मंगलवार को बेरहमी से ह’त्या कर दी गई. पुलिस ने उन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना के बाद लगातार शांति की अपील की जा रही है. दर्जी कन्हैयालाल को 10 जून को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. कन्हैयालाल के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने को लेकर F.I.R. भी दर्ज की गई थी. जमानत मिलने के बाद कन्हैयालाल में उन्हें ह’त्या की धमकियां मिलने की जानकारी पुलिस को दी थी और सुरक्षा मांगी थी.

कन्हैया लाल की मंगलवार को 2 लोगों ने दुकान में घुसकर ह’त्या कर दी ह’त्या करने वाले दोनों ही लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों ह’त्यारों ने एक वीडियो जारी कर ह’त्या की जिम्मेदारी ली थी. कन्हैया लाल की ह’त्या बीजेपी नेता नूपुर शर्मा की विवादित टिप्पणी का समर्थन किए जाने को लेकर की गई थी. इसके बाद उदयपुर में जोरदार हंगामा हुआ और पुलिस को कर्फ्यू लगाना पड़ा. इंटरनेट भी बंद कर दिया गया.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एडीजी हवा सिंह ने बताया कि 15 जून को कन्हैया लाल ने लिखित में शिकायत देकर उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने की बात कही थी. एडीजी ने कहा कि संबंधित एसएचओ ने उन लोगों को फोन किया था जो कन्हैयालाल को धमकियां दे रहे थे. इसके बाद दोनों समुदायों के खुद जिम्मेदार लोगों ने आपस में बैठकर सुलह समझौता कर लिया था.

इस पूरे मामले पर राजस्थान के मुख्यमंत्री तथा दूसरे विपक्षी दलों के नेता भी शांति की अपील कर रहे हैं और ह’त्यारों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी लोग तमाम तरह की अपनी बातें रख रहे हैं. इसी कड़ी में पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा (Pragya Mishra) ने इस पूरे मामले पर अपनी बात कही है, जो काफी वायरल हो रही है.

प्रज्ञा मिश्रा ने ट्वीट करके कहा है कि, उदयपुर की वारदात एक वारदात नहीं आतंकवादी कृत्य है..ऐसे हैवानों के खिलाफ ऐसी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए की ऐसे हैवानों की सात पुश्तें याद रखें. तालिबानी सोच की मेरे भारत में कोई जगह नहीं है.

आपको बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत जून के पहले हफ्ते में हुई थी. बताया जा रहा है कि कन्हैया लाल के मोबाइल से नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट की थी. इसके बाद कन्हैयालाल का स्थानीय लोगों ने विरोध किया. 11 जून को कन्हैया लाल के पड़ोसी नाजिम ने कन्हैयालाल के खिलाफ मामला दर्ज कराया. पुलिस ने कन्हैयालाल को गिरफ्तार किया, हालांकि कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी.

जमानत मिलने के बाद कन्हैयालाल ने शिकायत की थी. पुलिस का दावा है कि कन्हैया लाल की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों का समझौता करा दिया था. समझौते के आवेदन पर कन्हैयालाल और दूसरे पक्षों के लोगों के हस्ताक्षर भी थे. आवेदन में नाजिम ने कहा था कि मैंने कन्हैयालाल के खिलाफ लिखित में शिकायत दर्ज कराई थी, इस पर कानूनी कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है. अब मेरा कन्हैयालाल से कोई लेना देना नहीं है.

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