Priyanka Gandhi Smriti Irani

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ की जा रही है. राहुल गांधी से पहले चरण की पूछताछ पूरी हो गई है और दूसरे चरण की पूछताछ की जा रही है. उनके बैंक अकाउंट और यंग इंडिया समेत कई सवालों के जवाब पूछे जा रहे हैं. दूसरी तरफ इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सड़क पर विरोध मार्च और प्रदर्शन किया.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, रणदीप सुरजेवाला समेत कई बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है. अशोक गहलोत ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईडी के दफ्तर जाते हुए दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आपको बता दें कि राहुल गांधी की पेशी को देखते हुए कांग्रेस ने देश भर में ईडी कार्यालयों के बाहर सत्याग्रह का फैसला किया था और दिल्ली में भी बड़े पैमाने पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रखी थी.

गिरफ्तार किए गए नेताओं से मिलने के लिए प्रियंका गांधी थाने भी पहुंची. इस दौरान प्रियंका गांधी ने दिल्ली के तुगलक रोड थाने ले जाए गए कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात की. यहां केसी वेणुगोपाल, हरीश रावत से उन्होंने बातचीत की. कांग्रेस ने पहले बताया था कि केसी वेणुगोपाल, हरीश रावत के साथ-साथ अधीर रंजन चौधरी, शक्ति सिंह गोहिल, अनिल कुमार को भी तुगलक रोड थाने में ले जाया गया है.

राहुल गांधी सुबह जब ED दफ्तर के लिए निकले तब उनके साथ प्रियंका गांधी भी मौजूद रही. इसके साथ-साथ कांग्रेस के हजारों समर्थक. राहुल गांधी के साथ यह भी दफ्तर की तरफ बढ़े. बाद में ED ऑफिस से कुछ दूरी पर सिर्फ राहुल गांधी की गाड़ी को आगे जाने दिया गया और बाकी लोगों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर वही रोक लिया. राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी मौजूद थी, जो कि बाद में ED दफ्तर से बाहर आ गई.

स्मृति ईरानी ने क्या कहा?

राहुल गांधी से जहां एक तरफ पूछताछ हो रही है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन हो रहा है वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि जो जेल से बिल पर है, उन्होंने घोषणा की है कि आओ दिल्ली को घेरो, क्योंकि हमारा भ्रष्टाचार पकड़ा गया है. स्मृति ईरानी ने कहा कि एक इन्वेस्टिगेशन एजेंसी पर दबाव डालने के लिए कांग्रेस शासित राज्यों के वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित कर दिल्ली बुलाया गया है.

स्मृति ईरानी ने कहा कि यह लोग खुलेआम एजेंसी पर दबाव डाल रहे हैं, क्या यह कांग्रेस पार्टी की नीति है? स्मृति ईरानी ने कहा कि 1930 के दशक में एसोसिएट जनरल लिमिटेड नाम से एक कंपनी गठित होती है जिसका काम है अखबार का प्रकाशन. उस वक्त इसके शेयर होल्डर 5000 थे. अखबार के प्रकाशन के लिए स्वतंत्रता सेनानी शेयर होल्डर सुनिश्चित किए गए. उसकी शेयर होल्डिंग परिवार को दी गई, ताकि वह अखबार का प्रकाशन नहीं करें, बल्कि रियल एस्टेट का बिजनेस करें.

स्मृति ईरानी ने कहा कि आज मेरा सवाल उन लोगों से है जिन्होंने कांग्रेस का समर्थन किया. कांग्रेस पार्टी के लिए डोनेशन दिया ताकि लोकतांत्रिक गतिविधियों में वह हिस्सा ले सकें. क्या ऐसे डोनर्स की यह मंशा थी कि उनका पैसा कांग्रेस पार्टी उस कंपनी को समर्पित कर दें जिस का मालिकाना हक गांधी खानदान हो? साल 2016 में यंग इंडिया ने इस बात को स्वीकार किया कि 6 साल की अवधि में चैरिटी के लिए कोई काम नहीं किया.

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