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मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा की प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि अपात्र किसानों को दी गई थी और बाद में उन्हें नोटिस देकर वापस ले ली गई.

उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान पर तंज़ कसते हुए कहा कि, शिवराज सरकार अजब है-गजब है? कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा- शिवराज सरकार अजब है-गजब है ? प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत चुनावों को देखते हुए पहले खाते में किश्त की राशि डाली फिर नोटिस भेजकर सम्मान निधि वापस मांगकर किसान भाइयों का किया जा रहा घोर अपमान?

एक अन्य ट्वीट कर कमलनाथ ने लिखा- कुछ को तो जितनी राशि दी नहीं, उससे ज्यादा वापसी का नोटिस, कुछ को झूठा आयकर दाता, कुछ को अपात्र बताकर राशि वापसी के नोटिस? किसानों का अपमान करना, दमन करना इनकी आदत बन चुका है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को सम्मान निधि का पैसा भेजा था, उसकी जांच कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसान अपात्र पाए गए हैं.

अब उन किसानों को नोटिस भेजकर सम्मान निधि का पैसा वापस मांगा जा रहा है. नोटिस में बताया गया है कि किसान सम्मान निधि के पात्र नहीं है. मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि किसानों को नोटिस देकर उनका अपमान किया जा रहा है. किसान सम्मान निधि में घोटाला किया गया है, जो किसान नहीं हैं. उन्हें राशि दे दी और अब उन्हें नोटिस भेजकर वापस मांग रहे हैं.

वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए तीनों कृषि बिल लागू कर दिए गए हैं. राज्य में किसी को भी इस कानून को लेकर कोई कंफ्यूजन नहीं है. प्रदेश के सभी 313 ब्लॉक में ट्रेनिंग कैंप ऑर्गेनाइज किए जाएंगे. जिससे कि हमारे किसान इस बिल को अच्छी तरह से समझ सकें और इसका पूरा-पूरा फायदा उठा सकें.

कृषि कानून के विरोध पर NDA में एक और टूट

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों और विपक्षी दलों की ओर से हो रहे हमलों तथा प्रदर्शन के बीच एनडीए के सहयोगी दलों के बागी तेवर बने हुए हैं. एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) किसानों को समझाने में जुटी है, तो वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के नेता हनुमान बेनीवाल ने किसान आंदोलन के बीच कहा आरएलपी ने एनडीए छोड़ दिया है. कृषि कानूनों के विरोध में अकाली दल पहले ही एनडीए छोड़ चुका है.

एनडीए (NDA) के सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल ने आज NDA छोड़ने का ऐलान कर दिया. उन्होंने कहा, मैं एनडीए छोड़ने का ऐलान करता हूं. मैंने तीन कृषि कानूनों के विरोध में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) छोड़ दिया है. ये कानून किसान विरोधी हैं. मैंने एनडीए छोड़ दिया है. लेकिन कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करूंगा. आरएलपी से पहले कृषि कानूनों के विरोध में अकाली दल भी एनडीए छोड़ चुकी है.

आपको बता दे कि आंदोलन के बीच किसानों ने सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को शनिवार को स्वीकार कर लिया. किसान संगठनों ने सरकार को 29 दिसंबर यानी मंगलवार को सुबह 11 बजे बैठक का प्रस्ताव दिया है. किसानों की मांग है कि सरकार के साथ होने वाली बैठक में तीनों कृषि क़ानूनों को रद्द करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को क़ानूनी दर्जा देने पर बात की जाए.

इसके साथ ही वायु गुणवत्ता और विद्युत संशोधन बिल को लेकर भी चर्चा हो. संयुक्त किसान मोर्चा ने इस संबंध में सरकार को आज प्रस्ताव भेजा है. संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रस्ताव में कहा कि सरकार किसानों की सुविधा के समय और किसानों द्वारा चुने मुद्दों पर वार्ता करने को तैयार है, इसलिए सभी संगठनों से बातचीत कर प्रस्ताव रख रहे हैं. किसान मोर्चा ने कहा कि हम फिर दोहराना चाहते हैं किसान संगठन खुले मन से वार्ता करने के लिए हमेशा तैयार रहे है और रहेंगे.

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