Russia

यूक्रेन और रूस अब यु’द्ध के बेहद करीब पहुंच गए हैं. रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ सैनिक कार्रवाई का ऐलान कर दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन रूस के युद्ध को टाला नहीं जा सकता. पुतिन की तरफ से कहा गया है कि रूस स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन लांच कर रहा है.

उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य यूक्रेन का गैर फौजी करण है. पुतिन की तरफ से यूक्रेन की सेना को कहा गया है कि वह हथियार डाले और अपने घर जाएं. रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन का ऐलान करते हुए बड़ी धमकी भी दी है. इसमें कहा गया है कि बाहर से जो कोई भी इसमें दखल देना चाहता है अगर वह ऐसा करता है तो उसे ऐसे परिणाम भुगतने होंगे जो उसने इतिहास में पहले कभी नहीं भुगते होंगे.

निश्चित तौर पर पुतिन द्वारा जो धमकी दी गई है वह अमेरिका के लिए ही है. अब देखना होगा अमेरिका क्या प्रतिक्रिया देता है. रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि सभी जरूरी फैसले ले लिए गए हैं, आशा है आपने मुझे सुन लिया होगा. अपनी आपातकालीन स्पीच में पुतिन ने कहा है कि यह विवाद हमारे लिए जीवन मरण का सवाल है. उन्होंने लाल रेखा को पार किया.

वह बोले कि यूक्रेन नियो नाजी का समर्थन कर रहा है. इसलिए हमने स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है. रूस ने अपने संबोधन में यूक्रेन के सैनिकों को भी संबोधित किया. इसमें कहा गया कि तुम्हारे पूर्वज नाजियों से लड़े थे. यूक्रेन के नाजियों की बात मत मानो, अपने हथियार रखो और घर जाओ.

यूक्रेन ने पश्चिम से सुरक्षा गारंटी की मांग की

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूसी आक्रमण की आशंका को रोकने के लिए पश्चिम और मॉस्को से तत्काल सुरक्षा गारंटी की मांग की है. जेलेंस्की ने यह बयान तब दिया है जब रूस ने संसद द्वारा औपचारिक रूप से विदेशों में सैन्य बल के उपयोग को मंजूरी देने के बाद अपने कीव दूतावास से राजनयिकों को निकालना शुरू कर दिया है. यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी की जरूरत है. स्पष्ट, विशिष्ट और तत्काल. मेरा मानना ​​है कि रूस स्पष्ट सुरक्षा गारंटी देने वाले देशों में शामिल होना चाहिए.

रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी TASS की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने यूक्रेन में अपनी सभी राजनयिक कर्मियों को निकालना शुरू कर दिया है. TASS ने बताया कि यूक्रेन की राजधानी कीव में रूसी दूतावास ने पुष्टि की कि कर्मचारियों को बाहर निकाला जा रहा है. रूस के खार्किव, ओडेसा और ल्वीव में भी वाणिज्य दूतावास हैं.

PM जॉनसन ने की घोषणा

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने संसद में घोषणा की है कि यूनाइटेड किंगडम घातक रक्षात्मक हथियारों के साथ यूक्रेन को और सैन्य सहायता प्रदान करेगा. रूस की ओर से तेजी से बढ़ते खतरे के मद्देनजर और हमारे पिछले समर्थन के अनुसार यूके शीघ्र ही यूक्रेन को सैन्य सहायता का एक और पैकेज प्रदान करेगा. इसमें रक्षात्मक हथियारों और गैर-घातक सहायता के रूप में घातक सहायता शामिल होगी.

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