Rahul-Gandhi

चाहे वह खुद प्रधानमंत्री मोदी हो या फिर ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार में भाषा की मर्यादा तोड़ने में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने अभी तक के प्रचार में कोई कमी नहीं छोड़ी है. अभी तक के चुनाव प्रचार पर अगर नजर दौड़ाए तो जनता के मुद्दों पर ना ही भाजपा ने बात की है ना ही तृणमूल कांग्रेस ने बात की है.

प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह तक सोनार बांग्ला की बात तो कर रहे हैं. लेकिन यह नहीं बता रहे हैं कि लंबे समय तक मध्य प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक भाजपा की सरकार रही, क्या सोनार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ बना दिया या फिर उत्तर प्रदेश भाजपा के राज्य में अपराध मुक्त हो गया तरक्की के रास्ते पर दौड़ रहा है? पश्चिम बंगाल का चुनाव प्रचार पूरी तरीके से ध्रुवीकरण की कोशिश करके लड़ा जा रहा है.भाजपा की तरफ से भी और तृणमूल कांग्रेस की तरफ से भी.

भाजपा पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की बात कर रही है. “जय श्रीराम” के नारे के सहारे चुनाव जीतना चाहती है. तो ममता बनर्जी अल्पसंख्यक वोटों को एकजुट करने की कोशिश कर रही हैं और एकजुट होने की अपील कर रही हैं. आज पश्चिम बंगाल में राहुल गांधी की पहली चुनावी रैली थी. अपनी पहली ही चुनावी रैली में राहुल गांधी ने एक बड़ी लकीर खींच दी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के सामने.

राहुल गांधी ने आज पश्चिम बंगाल में चुनावी रैली के दौरान कहा कि यहाँ (पश्चिम बंगाल) से लाखों लोग बाहर जाते हैं काम ढूँढने के लिए. काम तो ना मोदी जी देते हैं ना ममता जी और जो थोड़ा सा मिलता है उसके लिए पहले आपको पैसा देना पड़ता है- कट मनी. राहुल ने अपनी चुनावी रैली में कहा कि पहला प्रदेश है जहां रोज़गार लेने के लिए पहले डिपॉजिट देना पड़ता है. पहले डिपॉजिट दो फिर पता नहीं जेब से निकले ना निकले यह ममता जी की देन है.

राहुल गांधी ने आज अपनी चुनावी रैली में जनता की जरूरतों पर बात की. ना ही हिंदू की बात की ना ही मुसलमान की बात की, पश्चिम बंगाल में रहने वाली जनता की बात की. राहुल ने कहा कि ममता जी कहती है चुनाव के समय खेल होंगे… कैसा खेल? पहले आप ये समझाइए यहाँ की सड़क कौन बनाएगा? खेल खिलवाना है तो सड़क पर खेलेंगे ना यहाँ कॉलेज/यूनिवर्सिटी कौन लगवाएगा? खेल तो उसके मैदान में खेलेंगे… वो तो आप देती नही तो ड्रामा चल रहा है.

राहुल गांधी ने कहा कि एक बार इन्होंने बंगाल को बाँट दिया तो फिर बंगाल में आग लगेगी, उसको कोई नहीं रोक सकता है और ऐसी आग लगेगी की बंगाल में पहले उसको किसी ने नहीं देखा हो. हम यहाँ चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. हम बंगाल के इतिहास की, भविष्य की रक्षा कर रहे हैं. कुल मिलाकर अगर आज की राहुल गांधी की रैली की बात करें तो राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने एक मोटी लकीर खींच दी है.

राहुल गांधी ने बताया है कि जनता के मुद्दों पर भी राजनीति हो सकती है. जनता की जरूरतों पर भी राजनीति हो सकती है. वह कभी भी हिंदू और मुसलमान पर राजनीति नहीं करेंगे. राजनीतिक पार्टियों में आरोप-प्रत्यारोप होने चाहिए. लेकिन आरोप-प्रत्यारोप इतने ना बढ़ जाए कि, एक दूसरे पर पर्सनल अटैक करने लगे, जनता को धर्म के नाम पर लड़ा दे. लेकिन अफसोस आजकल देश में ऐसी ही राजनीति हो रही है. राहुल गांधी एक बार फिर से गंदी राजनीति से अलग खुद को पेश करते हुए नजर आए.

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