Ravish Kumar update

इस समय मोदी सरकार द्वारा युवाओं को सेना में रोजगार के लिए लाई गई योजना अग्नीपथ को लेकर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इसमें बिहार के युवा सबसे ज्यादा उग्र और गुस्से में दिखाई दे रहे हैं. सेना में भर्ती की नई स्कीम को लेकर बिहार में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी छात्राओं की कई चिंताएं हैं. युवाओं का सवाल है कि सेना में भर्ती के लिए जी जान से मेहनत करते हैं, फिर इतनी मेहनत करके अगर सिर्फ 4 साल की नौकरी मिलेगी तो क्या फायदा? इस योजना में ग्रेजुएटी या पेंशन जैसा कोई लाभ भी नहीं है.

इसी को लेकर रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने अपनी बात रखी है उन्होंने लिखा है अग्निवीर, अग्निवीर, अग्निवीर. थोड़े से युवा नीति से नाराज हैं राजनीति से नहीं. रवीश की तरफ से लिखा गया है कि खेल समझिए. करोड़ों युवा अलग-अलग नौकरियों की तैयारी करते हैं. भर्ती की नीति को लेकर सभी के मन में सवाल नहीं होते. इसलिए कहा गया है कि इसमें आईटी और पॉलिटेक्निक को भी मौका मिलेगा. जैसे पहले नहीं मिलता रहा होगा. जब सेना की भर्ती की तैयारी करने वाले अग्नीपथ योजना को लेकर आशंकित होंगे तो आईटी के लाखों छात्र आशान्वित होंगे कि उन्हें मौका मिल रहा है.

रवीश कुमार ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए लिखा है कि इसी तरह आप देखेंगे कि अग्निपथ के लॉन्च होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ट्वीट करते हैं कि डेढ़ साल में 10 लाख भर्तियां होंगी, ताकि युवाओं का वर्ग अलग-अलग फैसलों और बोलियों के आधार पर बट जाए और जो विरोध करेंगे वह चंद नजर आएंगे. इसलिए कुल मिलाकर युवाओं को ठगने वाली नीतियों को इस तरह लांच किया गया कि वह समग्र रूप से देख ही ना सके. अपने फायदे और नुकसान के आधार पर आधे इधर बाकी उधर में बट जाए.

रवीश कुमार ने कहा है कि मेरी राय में जैसा कि पहले आपने किया है. हर गलत नीतियों का विरोध किया है. यह कहा है कि मोदी जी जो कर रहे हैं सोच समझकर ही कर रहे हैं. इस नीति का भी विरोध मत कीजिए. समर्थन में रहिए. इस समय नौकरी बड़ा प्रश्न नहीं है. धर्म है. जिसकी राजनीति आप काफी शानदार तरीके से कर रहे हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि इस मामले में आपने जितनी तैयारी की है आप रिजल्ट के लिए भी कुर्बानी देंगे. मैं चाहूंगा कि गलत हो जाऊं, लेकिन आप युवा हमेशा मुझे सही साबित करते हैं. विपक्ष को नीतियों की आलोचना करनी चाहिए लेकिन नाराजगी के नाम पर होने वाले प्रदर्शनों से बचना चाहिए.

रवीश कुमार ने कहा है कि सरकारी भर्तियों को लेकर विपक्ष ने काफी उम्मीद से आवाज उठाई, मगर युवाओं ने उनका आभार जताते हुए वोट कहीं और दिया. विपक्ष को अब वोट नहीं मिलेगा. ऐसे हर व्यक्ति से दूर रहें जो ऐसे प्रदर्शनों और नाराजगी में अपने लिए उम्मीद रखते हैं. हो सके तो इस प्राइम टाइम में कहीं गई मेरी बात को याद रखें. “युवा नीति से नाराज हैं, राजनीति से नहीं. सेना से 4 साल में निकाल दिए जाएंगे, लेकिन धर्म से मरने के बाद भी कोई नहीं निकाला जा सकता.” आप देखिएगा शुरुआती विरोध के बाद युवा इसे बढ़-चढ़कर स्वीकार करेंगे.

रवीश कुमार ने आगे कहा है कि जो कि विरोध कर रहे हैं तो कवर करने में कोई बुराई नहीं है. बस इस विरोध में विपक्ष बनने की उम्मीद में बुराई है. क्योंकि इन्हीं युवाओं ने जनता के बीच बनने वाले हर तरह के विपक्ष का विरोध किया है और कुचला है. संप्रदायिक युवाओं की ताली कभी मत लीजिए. मैंने अपने फेसबुक पेज पर कई बार लिखा है. मुझे संप्रदायिक युवाओं को हीरो नहीं बनाना है. मैं युवाओं से दो या तीन प्रतिशत ही उम्मीद करता हूं कि वह प्रिय राजनीतिक दल का समर्थन करते हुए उनकी कुछ गलतियों का विरोध कर सकते हैं. आज के युवा अपने प्रिय दल का समर्थन करने के लिए एक नहीं हर तरह की गलत नीतियों को गले लगा लेते हैं.

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