Surya Pratap Singh

चुनाव आयोग पर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं. कई लोग चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं. पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के ऐलान के समय भी चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए थे, जब बंगाल में 8 चरणों में चुनाव की घोषणा की गई थी.

मोदी सरकार पर चुनाव आयोग से सांठगांठ का भी आरोप लगता रहा है. कई लोग आरोप लगाते हैं कि मोदी सरकार चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करके कई बार चुनाव जीतती रही है, हालांकि यह आरोप ही रहे हैं, कभी साबित नहीं हुए हैं. लेकिन फिर भी आरोप लगते रहे है.

असम चुनाव के बाद ईवीएम मशीनें भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी में पकड़ी गई थी, उसके बाद भी सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठे थे, कई लोगों ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा था. चुनाव आयोग ने अपने कई अधिकारियों को सस्पेंड भी किया था, लेकिन मामला दब गया था.

अब एक बार फिर से रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह मोदी सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत पर सवालिया निशान खड़े किए हैं. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा गोवा के राज्यपाल नियुक्त किए गए. अब बेशर्मी हो रही है और खुलेआम हो रही है. लोकतंत्र की हत्या स्टेप बाई स्टेप की जा रही है.

आपको बता दें कि मोदी सरकार पर राज्यपाल के सहारे भी कई बार राज्य सरकारों को अस्थिर करने के आरोप लगे हैं. चाहे वह पांडिचेरी का मामला हो या फिर राजस्थान की राजनीतिक उठापटक का मामला हो या फिर महाराष्ट्र का मामला हो, कई बार राज्यपाल सवालों के घेरे में रहे हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here