Sakshi Joshi

देश में जारी कोरोना वायरस के तांडव के बीच तमाम न्यूज़ चैनलों पर एग्जिट पोल दिखाएं गए और दिखाए जा रहे हैं. इसमें बताया जा रहा है कि बीजेपी कहां-कहां जीत रही है. कौन सी पार्टी कहां सरकार बना रही है और कौन सी पार्टी हार रही है. एग्जिट पोल ऐसे दिखाया जा रहा है जैसे देश में सब कुछ ठीक है.

जबकि जमीनी हकीकत इससे उलट है. शमशान घाट लाशों से पटे हुए हैं. ऑक्सीजन (Oxygen) की किल्लत से हॉस्पिटल में लगातार मरीज दम तोड़ रहे हैं. हजारों मरीजों को हॉस्पिटल तक मुहैया नहीं करा पा रही है सरकार. ऑक्सीजन की किल्लत सरकारी दावों के बावजूद बनी हुई है. हॉस्पिटल भी लाचार नजर आ रहे हैं, स्वास्थ्य व्यवस्था (Health system) धराशाई है.

गोदी मीडिया के नाम से मशहूर भारतीय मेंस्ट्रीम देश और देश की जनता का दर्द दिखाने की जगह सत्ता पक्ष के चरणों में लेटी हुई है. अगर कुछ अच्छा होता है तो वह मोदी ने किया और अगर कुछ गलत होता है तो अधिकारियों पर ठीकरा फोड़ती है मीडिया. मीडिया एक तरह से देश की जनता के दर्द का मजाक उड़ाते हुए, देश की जनता के दर्द को साइड में करते हुए एग्जिट पोल दिखा रही है.

जिस समय मीडिया को प्रधानमंत्री मोदी से सवाल करना चाहिए, देश की सत्ताधारी पार्टी को कटघरे में खड़ा करके देश की मौजूदा हालत के लिए जिम्मेदार बताते हुए सवाल करने चाहिए. उस समय गोदी मीडिया सत्ता पक्ष का बचाव करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी का बचाव करते हुए, देश के मुद्दों से देश का ध्यान हटाकर चुनावी एग्जिट पोल दिखा रही है. जनता के जख्मों पर मरहम की जरूरत थी लेकिन मीडिया सत्ता पक्ष का साथ दे रही है.

इसी को लेकर साक्षी जोशी (Sakshi Joshi) ने ट्वीट किया है उन्होंने लिखा है कि, एग्जिट पोल में समय बर्बाद इस बीच कितनों को ऑक्सीजन नहीं मिली होगी बेड के लिए तड़पे होंगे रिपोर्टर जो अस्पताल के बाहर ये सब देख रहा होगा,उसके पास आँखों के सामने किसी के दम तोड़ने की खबर होगी, चैनल पर चलवाना चाहता होगा और चैनल उसे कह रहा होगा, अभी स्लॉट नहीं है, एग्जिट पोल दिखा रहे हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here