Ram Charan Salman Khan

राम चरण (Ram Charan) और जूनियर एनटीआर (Junior NTR) स्टारर राज मौली की RRR ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. 1000 करोड़ के क्लब में शामिल होने से लेकर 20 मिलियन की संख्या तक पहुंचने वाली यह फिल्म फिल्म इंडस्ट्री की सबसे बड़ी सक्सेस के रूप में सामने आई है.

खास तौर पर महामारी के बाद भी फिल्म ने नई ऊंचाइयों को छुआ है. इसमें भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में सिनेमा के फ्यूचर ब्राइट नजर आ रहे हैं. हाल ही में इसके बारे में मेगा पावर स्टार राम चरण से पूछा गया कि साउथ में बॉलीवुड की फिल्मों की सराहना क्यों नहीं की जाती है, जबकि RRR आर पुष्पा जैसी फिल्मों ने देश भर में रिकॉर्ड तोड़े हैं?

इस सवाल पर राम चरण ने सिनेमा और उसकी बाउंड्री के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि मैं हिंदी सिनेमा का एक ऐसा निर्देशक चाहता हूं जो एक पैन इंडिया फिल्म बनाए, जो दक्षिण को भी केटर करें.

सलमान खान (Salman Khan) ने ट्वीट करते हुए कहा था कि मुझे राम, राजमौली और तारक का काम बहुत पसंद है. लेकिन साउथ में हमारी फिल्मों की सराहना क्यों नहीं हो रही है? राम चरण ने कहा उनका कहना इतना स्पष्ट और ईमानदार है. लेकिन मेरा मानना है कि यह सलमान जी की गलती नहीं है या किसी फिल्म की गलती नहीं है.

राम चरण में कहा कि, यह राइटिंग है, यह निर्देशक है जिसे “हमारा फिल्म इधर ही देखेंगे, हमारा फिल्म उधर ही देखेंगे” कि इन सीमाओं को ऊपर उठना है. हर राइटर को विजयेंद्र प्रसाद या राजमौली जैसी फिल्में लिखनी चाहिए और कहना चाहिए इसमें विश्वास करो.

सुपरस्टार रामचरण ने कहा कि निश्चित तौर से मैं एक भारतीय फिल्म बनाना चाहता हूं, जहां बॉलीवुड टैलेंट के साथ काम करना चाहता हूं. मैं चाहता हूं कि निर्देशक साउथ से टैलेंट का पता लगाएं और बड़ी फिल्में बनाएं. ताकि हमारे पास बड़ा बजट हो और हम दिन के आखिर में बड़ी संख्या देखें.

आपको बता दें कि साउथ की फिल्में लगातार नए रिकॉर्ड कायम कर रही हैं और इसके बाद बॉलीवुड को लेकर सवाल उठने लगे हैं. बॉलीवुड में बनाई जा रही फिल्मों को लेकर सवाल उठने लगे हैं और यह सवाल भी पूछा जाने लगा है कि, क्या बॉलीवुड से आगे निकल जाएगा साउथ सिनेमा?

यश ने भी दिया सलमान के सवाल का जवाब

yash ans.

सलमान खान के सवाल का जवाब देते हुए एक इंटरव्यू में यश ने कहा कि, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है हमारी फिल्मों को भी पहले कभी इस तरह का रिस्पांस नहीं मिलता था. लेकिन अब डब वर्जन बनाने शुरू किए. लोग अब हमारे द्वारा बनाए गए कंटेंट को जान रहे हैंं. मुझे लगता है कि शुरुआती दिनों में लोग डब को एक मजाक के रूप में लेते थे, क्योंकि लोग उसे उस तरह से नहीं देखते थे. लेकिन अब जिस तरह की डबिंग हो रही है लोग हमारी कहानी कहने के तरीके से परिचित हो रहे हैं. यह रातों-रात नहीं हुआ है.

इसके आगे यश ने फिल्म “बाहुबली” को सारा क्रेडिट देते हुए कहा पहले कुछ साल ऐसे ही थे, फिर धीरे-धीरे लोगों ने कंटेंट एक्सप्रेशन और बाकी सब कुछ समझना शुरू किया. हमें राजमौली सर और प्रभास की बाहुबली के साथ सीधे कनेक्शन का रास्ता मिल गया. इसके बाद केजीएफ ने कमर्शियल एंगल दिया. मेरे डायरेक्टर की स्क्रिप्ट पढ़ कर मुझे लगा था कि यह पूरे भारत में जा सकती है. मेरे प्रोड्यूसर भी साथ जुड़े. हमने जोर लगाया और लोगों ने इसे स्वीकार किया.

यश ने आगे कहा कि मैंने बहुत सी हिंदी फिल्में देखी हैं, हम उन्हें प्यार करते हैं. सलमान सर की बात सही है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि हम नहीं देखते हैं. हम उन्हें देखते हैं, लेकिन उन्हें दूसरे पहलू भी देखने चाहिए.

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