Sharad Pawar Uddhav

तमाम रिपोर्ट और परिस्थितियों को देखते हुए बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र की उद्धव सरकार खतरे में है. उनके दिग्गज मंत्री एकनाथ शिंदे गुजरात चले गए हैं और उनके साथ कुछ विधायक भी गए हुए हैं. इसी टोली में शिंदे के अलावा तीन मंत्री और हैं. सुबह करीब 8 बजे सूरत सही शिंदे के मुंबई छोड़ने की खबर है. फिर पता चला कि शिंदे ने अपना मोबाइल तक बंद कर लिया है, उनके मुख्यमंत्री तक बात नहीं कर पा रहे हैं.

मुंबई में उठे सियासी तूफान के बाद दिल्ली में भी हलचल तेज हो गई है. गृह मंत्री अमित शाह बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर गए हैं. क्या बात हुई है, अभी सामने नहीं आया है. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुंबई से दिल्ली रवाना हो गए हैं.

इस बीच एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) सामने आए हैं और उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहां है कि यह पहली बार नहीं है जब महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार को गिराने की कोशिश हुई है. इससे पहले भी तीन बार ऐसी साजिश रची जा चुकी है. उन्होंने कहा कि उद्धव के नेतृत्व में सरकार चलती रहेगी. उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र में नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है. शरद पवार ने कहा है कि कांग्रेस एनसीपी और शिवसेना तीनों साथ हैं आज हम लोग मिलकर इस पर चर्चा करेंगे और शाम तक आपको जानकारी देंगे.

शरद पवार ने अपनी तरफ से यह संकेत भी दे दिया है कि एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री जैसा पद भी दिया जा सकता है. हालांकि उन्होंने नई जिम्मेदारी शब्द इस्तेमाल किया है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शरद पवार भी मुंबई जा रहे हैं. शरद पवार ने कहा है कि ढाई साल से महाराष्ट्र में महाविकास आघाडी की सरकार ठीक चल रही है. 3 बार उसे गिराने की कोशिश बीजेपी ने की है, लेकिन इस बार भी उनकी हर हर चाल नाकाम होगी. उद्धव सरकार को कोई खतरा नहीं है.

शरद पवार ने कहा है कि यह शिवसेना का अंदरूनी मामला है. उद्धव ठाकरे इसका कोई ना कोई हल निकाल लेंगे. वह बेहतर नेतृत्व दे रहे हैं. वह एकनाथ शिंदे को कोई नई जिम्मेदारी दे देंगे. हम उद्धव ठाकरे के हर फैसले का समर्थन करेंगे. अभी किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि तमाम तरह से परेशान करने के बाद भी हमने सरकार बनाई. हमारी सरकार बनने से रोकने के लिए क्या क्या परेशानियां नहीं पैदा की गई. पवार ने कहा कि बीजेपी हर वक्त कुटिल चालें चलती रही है, महाराष्ट्र की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी.

आपको बता दें कि अगर बगावत होती है तो दल बदल कानून सबसे बड़ा चैलेंज होगा. बगावत के लिए एकनाथ शिंदे को इन विधायकों की सदस्यता भी कायम रखनी होगी. महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के पास कुल 56 विधायक हैं. कानून के हिसाब से 2/3 विधायक यानी 37 विधायक जुटाने होंगे. फिलहाल शिंदे के पास कुल 30 विधायक होने का दावा किया जा रहा है, जिसमें शिवसेना के 15 विधायक हैं.

शिवसेना के पास 56 विधायक हैं, इसमें से 22 विधायक सूरत के होटल में छुपे हुए हैं. यदि मंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में यह विधायक इस्तीफा दे देते हैं तो शिवसेना की संख्या घटकर 34. हो जाएगी इससे सदन में महाविकास आघाडी की संख्या घटकर 130 हो जाएगी. 22 विधायकों के इस्तीफे के साथ सदन में नए बहुमत का आंकड़ा 133 हो जाएगा. बीजेपी दावा कर रही है कि उसके पास 135 विधायक हैं जो बहुमत के आंकड़े से दो ज्यादा है. लेकिन अगर शिवसेना के 22 विधायक सत्ता बदलने की कोशिश करते हैं तो उन्हें दल बदल विरोधी कानून के तहत इस्तीफा देना होगा और उपचुनाव में फिर से निर्वाचित होना होगा.

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