Chintan Shivir Sonia Gandhi

इस वक्त कांग्रेस का राजस्थान के उदयपुर में चिंतन शिविर (Chintan Shivir) चल रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने उदयपुर के चिंतन शिविर में मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है. सोनिया गांधी ने कहा है कि केंद्र में बैठी मोदी सरकार देश भर में खौफ और ध्रुवीकरण का माहौल बना रही है. कांग्रेस के चिंतन शिविर में राष्ट्रीय तथा प्रदेशभर की कांग्रेस कमेटियों के 430 नेता शामिल हो रहे हैं.

सोनिया गांधी ने कहा है कि अब यह साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सहयोगियों का “मैक्सिमम गवर्नेंस, मिनिमम गवर्नमेंट” से क्या मतलब है. उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि देश में लगातार ध्रुवीकरण की हालत बनाए रखना, लोगों को खौफ के माहौल में जीने के लिए मजबूर करना और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना और उनका उत्पीड़न करना. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक हमारे समाज और इस लोकतंत्र में बराबर के नागरिक हैं.

सोनिया गांधी ने कहा कि इसका यह भी मतलब है कि महात्मा गांधी के हत्यारों का महिमामंडन करना और जवाहरलाल नेहरू जैसे नेताओं के द्वारा किए गए कामों को इतिहास से मिटाना. नफरत की आग को भड़काया जा रहा है और लोगों के आम जीवन पर इसका असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि जहां तक हम सोच सकते हैं उससे ज्यादा इसके गंभीर सामाजिक नतीजे हो रहे हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जोर दिया कि कांग्रेस को इस बंटवारे के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी. उन्होंने कहा कि इस नव संकल्प चिंतन शिविर (Chintan Shivir) से हमें यह मौका मिला है कि हम बीजेपी और आरएसएस की नीतियों के कारण इस देश के सामने खड़ी चुनौतियों को लेकर चर्चा करें. उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह चिंतन शिविर में अपनी बातों को खुलकर रखें और पार्टी की मजबूती और एकता का यह संदेश देशभर में जाना चाहिए.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि संगठन में बदलाव वक्त की मांग है और हमें अपने कामकाज के तरीके में भी बदलाव करना होगा. उन्होंने कहा कि हमें संगठन को अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं से ऊपर रखना होगा. पार्टी ने हम बहुत कुछ दिया है और अभी से लौट आने का वक्त आ गया है.

आपको बता दें कि जिस वक्त इस देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ एक अलग ही माहौल बनाया जा रहा है, उनके लिए कोई आवाज उठाने से पहले यह सोचता है कि अगर आवाज उठाते हैं तो बहुसंख्यक वोट मिलेंगे या नहीं, ऐसे वक्त में सोनिया गांधी ने खुलकर अल्पसंख्यकों के लिए आवाज उठाई है, उनकी पीड़ा को बयां किया है। राहुल गांधी भी बिना वोट बैंक की चिंता किए इसी तरह हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और बिना वोट बैंक की परवाह किए बिना जनता के मुद्दों पर उनके साथ खड़े रहते हैं.

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