Rahul Gandhi update 1

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इस वक्त देश में सबसे अधिक सुर्खियों में बने हुए हैं. नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी उनसे पूछताछ कर रही है, वही 19 जून को उनका बर्थडे भी है. ऐसे में एक दिलचस्प किस्सा सामने आया है, जब वह कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने थे और उनकी मां सोनिया गांधी ने रोते हुए कहा था “सत्ता जहर है”, दूसरा किस्सा उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस है जिसके बाद स्थिति पलट गई.

19 जनवरी 2013 को राजस्थान के जयपुर में कांग्रेस का चिंतन शिविर लगा था. दो दिवसीय इस कार्यक्रम में पहले दिन एके एंटनी खड़े हुए और कहां मैं प्रस्ताव रखना चाहता हूं. सभी ने सहमति जताई तो कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जनार्दन द्विवेदी ने उस प्रस्ताव को पढ़ना शुरू किया. उसमें लिखा था, जनता की आकांक्षाओं को देखते हुए राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया जाए.

सामने बैठे कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने मेज पर हाथ थपथपा कर सहमति जता दी. सोनिया गांधी ने हामी भर दी. राहुल मुस्कुरा दिए. तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उठे और राहुल को एक गुलदस्ता देकर बधाई दी. इस तरह राहुल गांधी कांग्रेस के 10 महासचिव के बीच से निकलकर पार्टी के उपाध्यक्ष बन गए. राहुल गांधी के उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी. “देश का नेता कैसा हो, राहुल गांधी जैसा हो”, “हमारा नेता राहुल गांधी”.

रोते हुए रात में राहुल गांधी के पास पहुंची थी सोनिया

राहुल गांधी मंच पर बोलने के लिए खड़े हुए. सामने बैठे उनकी मां सोनिया गांधी की आंखों में आंसू आ गए. राहुल ने कहा कल रात मेरे कमरे में मां आई थी पास बैठी और रोने लगी. वह इसलिए रोई, क्योंकि जो ताकत बहुत सारे लोग पाना चाहते हैं वह जहर है. राहुल ने आगे कहा मैं आज सुबह 4 बजे ही उठ गया. बाहर अंधेरा था और ठंड भी. बालकनी में गया और सोचा कि मेरे कंधे पर अब बड़ी जिम्मेदारी है. अब वह नहीं कहूंगा जो लोग सुनना चाहते हैं, अब मैं वह कहूंगा जो मैं महसूस करता हूं. सत्ता की ताकत का अच्छा और बुरा दोनों असर पड़ता है. हमें बुरे को नहीं सुनना है, अच्छा साथ रखना है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था

राहुल गांधी के उपाध्यक्ष बनाए जाने के ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी, “देश का नेता कैसा हो, राहुल गांधी जैसा हो”. उस वक्त के केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया लोगों के बीच गए और कहा राहुल गांधी पहले भी बड़े बड़े फैसले करते आ रहे थे. शिविर में 60% युवाओं की भागीदारी भी उन्हीं का नतीजा है. देश यही चाहता है. इसके बाद उन्होंने भी राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाए. हालांकि बाद में सिंधिया खुद ही बीजेपी में चले गए.

16 जुलाई 2021 को राहुल गांधी कांग्रेस की सोशल मीडिया सेल के लोगों को संबोधित कर रहे थे. उनका रुख बदला हुआ था. उन्होंने कहा जिन्हें कांग्रेस में डर लग रहा है वह पार्टी से जा सकते हैं. कई ऐसे लोग हैं जो निडर हैं लेकिन कांग्रेस में नहीं है, उन्हें आना चाहिए. हमें ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है जो आरएसएस की विचारधारा पर विश्वास रखते हैं. हमें निडर लोगों की जरूरत है. यह हमारी विचारधारा है.

राहुल गांधी ने जैसे यह बातें पार्टी के नेताओं को टारगेट करके कहीं. इसके कई असर अगले कुछ दिनों में दिखाई दिए. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पद से इस्तीफा दे दिया. चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया. राजस्थान में पायलट गहलोत विवाद पर चुप्पी देखने को मिली. गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी पार्टी में शामिल हुए. सीपीआई नेता कन्हैया कुमार पार्टी में शामिल हुए. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बदलाव पर स्थिति सामान्य हो गई. इस पर यही कहा गया कि राहुल पार्टी में बदलाव की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी में अध्यक्ष नहीं होते हुए भी लोगों को पता है कि फैसला कहां से हो रहा है.

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