Yogi Adityanath Srinivas BV

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections) की तैयारियों में तमाम राजनीतिक दल लगे हुए हैं. बीजेपी के तमाम बड़े नेता उत्तर प्रदेश के दौरे कर रहे हैं. बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी होने वाली है. उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) शिलान्यास करने लगे हैं या यूं कहें कि उसी बहाने जनता की नब्ज टटोलने की कोशिश करने लगे हैं.

शिलान्यास के बहाने या फिर रैलियों के बहाने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर निशाना साधने से पीछे नहीं हट रहे हैं. निशाना साधने के चक्कर में योगी आदित्यनाथ कई बार झूठ का सहारा लेते हुए भी दिखाई दे रहे हैं.

महामारी के दौर में उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था किस कदर चरमरा चुकी थी यह शायद ही कोई भूल सकता है. उसके बाद उत्तर प्रदेश के अस्पतालों द्वारा ऑक्सीजन की कमी की शिकायत करने पर एफआईआर तक दर्ज करने की धमकी दी जा रही थी. उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मी और अस्पताल संसाधनों की कमी का रोना रो रहे थे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कह रहे थे कि उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है.

विपक्ष की नेता प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) द्वारा कई अस्पतालों में ऑक्सीजन पहुंचाई गई थी. छत्तीसगढ़ से भी प्रियंका गांधी ने मदद लेकर कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने का प्रयास किया था. इसके साथ-साथ कांग्रेस के संगठनों द्वारा, खासतौर पर युवा कांग्रेस द्वारा महामारी के दौर में जरूरतमंद लोगों की मदद की जा रही थी, कहीं बेड उपलब्ध कराए जा रहे थे तो कहीं ऑक्सीजन सिलेंडर.

जिस वक्त सरकार की जरूरत थी उस वक्त सरकार ऑक्सीजन की कमी की हकीकत बयां करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे रही थी. हालात तो यह थे कि बीजेपी के कई नेता और विधायक तथा मंत्री भी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को खत लिखकर उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत से रूबरू करा रहे थे और उसे दुरुस्त करने की गुहार लगा रहे थे.

एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि, कोरोना काल में जो विपक्षी नेता अपने घर पर ट्विटर तक ही सीमित थे, उनसे कहना- बबुआ वोट भी ट्विटर ही दे देगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी (Srinivas BV) ने पलटवार किया है. उन्होंने लिखा है कि, कोई नया JOKE सुनाओं जोगी जी, नड्डा और अमित शाह भी यही सुनाए थे. बाकी, जब OXYGEN के लिए हिंदुस्तानी दर-दर की ठोकरें खा रहे थे, तो पूरा देश जानता है कि कौन कहाँ था.

बता दें कि सोशल मीडिया के माध्यम से भी कई लोग यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी को टैग करके ऑक्सीजन सिलेंडर और बेड तथा जरूरी दवाओं के लिए मदद की गुहार लगा रहे थे. बीजेपी के कई बड़े नेता तथा बीजेपी समर्थक पत्रकार भी अपने परिजनों की जान बचाने के लिए यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष से मदद की आस में जरूरी चीजें उपलब्ध कराने का आग्रह कर रहे थे और जितना हो सकता था उतना यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष द्वारा मदद के लिए हाथ बढ़ाया भी गया.

उत्तर प्रदेश की नदियों में तैरते हुए शवों को कौन बोल सकता है? उत्तर प्रदेश सरकार की नाकामी पूरी तरीके से महामारी के दौर में खुलकर सामने आई थी. अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए जनता के टैक्स का पैसा पानी की तरह बहा कर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने खुद का प्रचार कराया. अगर वही पैसा स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करने में लगाया गया होता तो शायद कुछ लोगों की जानें बचाई जा सकती थी.

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