Divyanshu singh student

यूक्रेन के अंदर कई मुश्किलों का सामना करते हुए वापस भारत आए छात्रों की नाराजगी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. कई ऐसे वीडियो है जिसमें छात्र मोदी सरकार द्वारा की गई व्यवस्था की आलोचना कर रहे हैं. इसके अलावा मोदी सरकार द्वारा जो श्रेय लेने की होड़ है उसकी भी निंदा कर रहे है.

ऐसे ही एक छात्र ने 1 न्यूज़ चैनल से बात करते हुए कहा कि सरकार उनके स्वागत में जो गुलाब का फूल उन्हें दे रही है इसका क्या मतलब है? उन्होंने कहा कि फूल देने से कुछ नहीं होगा. दिव्यांशु सिंह नाम के एक छात्र ने कहा कि अगर उनके साथ यूक्रेन में कुछ हो जाता तो क्या होता.

दिव्यांशु सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने अगर पहले ही जरूरी कदम उठा लिया होता तो फूल बांटने की नौबत नहीं आती और जो यह जो दिखावा चल रहा है इसकी जरूरत नहीं पड़ती. उन्होंने आगे कहा कि उनका परिवार बहुत ज्यादा परेशान था. एक और छात्रा ने 1 न्यूज़ चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि यूक्रेन में बहुत मुश्किलें थी और वहां मदद मिलनी चाहिए थी, लेकिन नहीं मिली और छात्रों से कहा गया कि आप बस पकड़िए और यूक्रेन से चले आइए. उन्होंने बताया कि एंबेसी के कर्मचारियों ने ज्यादा मदद नहीं की.

छात्रा ने कहा कि जब बहुत ज्यादा हालत खराब हो गए तब सरकार ने निकलने को क्यों कहा, पहले ही कह देना चाहिए था. कुछ और छात्रों ने इसी तरह सरकार की आलोचना की है. उनका कहना है कि सरकार बॉर्डर देशों से वापस ला रही है, लेकिन जो छात्र अंदर फंसे हुए हैं वह बॉर्डर तक भी नहीं आ पा रहे हैं, उनके पास कोई विकल्प नहीं है.

रूस द्वारा हमले तेज किए जाने के बाद आपको बता दें कि बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और अन्य नागरिक यूक्रेन में फंस गए हैं. हालांकि बीते कुछ दिनों में बड़ी संख्या में छात्रों को विमान के जरिए यूक्रेन से सटे बॉर्डर देशों से वापस सुरक्षित भारत लाया गया है. लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे छात्र भी हैं जो युद्ध के चलते नजदीकी देशों के बॉर्डर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.

जो अभी भी वहां फंसे हुए हैं ऐसे लोगों के परिजनों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही है ऐसे छात्रों में बंद करो और मेट्रो स्टेशनों या दूसरी जगहों पर शरण ली हुई है.

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