Subhash Chandra

4 राज्यों की 16 राज्यसभा सीटों पर आज वोटिंग हुई, इसमें हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक शामिल है. वोटिंग की शुरुआत के साथ ही हलचल तेज हो गई थी. कर्नाटक और राजस्थान में क्रॉस वोटिंग हो गई. राजस्थान और कर्नाटक नतीजे भी आ गए हैं. राजस्थान में 3 सीटों पर कांग्रेस और एक सीट पर बीजेपी की जीत हुई है.

चारों ही राज्यों में मुकाबला जबरदस्त देखने को मिला. राजस्थान में मुकुल वासनिक को 42 वोट मिले. वासनिक के खाते में एक वोट रिजेक्ट हुआ है. यह भी रोचक है कि बीजेपी विधायक शोभारानी के 1 वोट से प्रमोद तिवारी जीते हैं. राजस्थान में जीत के लिए 41 वोट चाहिए थे, प्रमोद तिवारी को 41 वोट मिले हैं. बीजेपी ने क्रॉस वोटिंग करने वाली शोभारानी कुशवाह को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने क्रॉस वोटिंग की और कांग्रेस उम्मीदवार की मदद की.

शोभा रानी को लेकर बीजेपी के नेतृत्व में रिपोर्ट मांगी थी कुछ ही घंटे बाद पार्टी ने वाला फैसला लेते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया.

सुभाष चंद्रा वैसे तो निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन कहीं ना कहीं वह बीजेपी के इशारे पर ही राजस्थान से राज्यसभा के लिए खड़े थे. लेकिन बीजेपी को उम्मीद थी कि कांग्रेस के विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ और जी न्यूज के मालिक सुभाष चंद्र बुरी तरीके से हार गए हैं. राजस्थान में बीजेपी के घनश्याम तिवारी को 48 वोट मिले जबकि निर्दलीय सुभाष चंद्रा को 30 वोट ही मिल सके हैं. सुभाष चंद्रा ने दावा किया था कि वह कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के जरिए जीत जाएंगे. उन्होंने कांग्रेस नेता सचिन पायलट के लिए भी यह कहते हुए डोरे डाले थे कि उनके पिता राजेश पायलट उनके दोस्त थे और सचिन पायलट के पास अब एक युवा और लोकप्रिय नेता के रूप में अवसर है.

सुभाष चंद्रा ने कहा था कि अगर सचिन पायलट इस मौके को चूक जाते हैं तो 2028 तक मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे. सचिन पायलट ने पलटवार किया था और कहा था कि यह “हास्यास्पद” है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि सुभाष चंद्रा को बीजेपी ने चुनाव लड़ने के लिए मूर्ख बनाया है. और उन्हें अपमानित किया जाएगा. सचिन पायलट ने कहा कि सुभाष जी यह कोई टीवी श्रृंखला या मनोरंजन नहीं है, यह गंभीर काम है.

आपको बता दें कि राजस्थान में कांग्रेस की शानदार जीत रही है. और इससे उत्साहित राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भी इसी तरीके से बीजेपी को बुरी हार का सामना करना पड़ेगा. कांग्रेस ने इस जीत को लोकतंत्र की जीत बताया है. अशोक गहलोत ने आरोप लगाया है कि बीजेपी लगातार हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश कर रही है, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली.

इस बार राज्यसभा चुनाव को लेकर काफी सरगर्मियां थी और लोगों के बीच उत्सुकता भी थी बहुत सालों के बाद है राज्यसभा के चुनाव में इतनी दिलचस्पी जनता की भी देखने को मिली.

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