Sudhir Chaudhary news.
फोटो (साभार सोशल मीडिया)

मीडिया का एक बड़ा धड़ा नेताओं के साथ मिलकर लंबे वक्त से बॉलीवुड (Bollywood) के खिलाफ एक प्रोपेगेंडा फैला रहा है. इसी के तहत बॉलीवुड को बदनाम करने की एक साजिश लंबे समय से रची जा रही है. सुशांत सिंह राजपूत की आ’त्मह’त्या मामले से शुरू हुआ यह सिलसिला लगातार जारी है.

इसी कड़ी में ज़ी न्यूज के एंकर सुधीर चौधरी (Sudhir Chaudhary) ने एक ट्वीट किया, जिसके बाद वह सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं. उन्होंने लिखा कि, बाहुबली, पुष्पा, RRR, KGF की सफलता ने बंबई के हिंदी फ़िल्म उद्योग को बहुत छोटा बना दिया है. दक्षिण की इन फ़िल्मों से हीरो की वापसी हुई है. लवर बॉयस और मसखरों से भरे बॉलीवुड में असली नायक ना के बराबर हैं.

उन्होंने आगे लिखा कि, हिंदी सिनेमा का टैलेंट सूख रहा है. उनके पास ना नायक हैं, ना निर्देशक और ना लेखक, जो बड़ा सोच सकें. दक्षिण के नायक पुराने अमिताभ बच्चन की याद दिलाते हैं जो पड़े पर्दे पर महानायक दिखता है, जिसकी एंट्री पर जनता तालियाँ बजाती है. पार्टियों में व्यस्त बॉलीवुड के लिए ये सबसे बड़ी चुनौती है. इसके बाद ना विज्ञापन मिलेंगे ना बड़ी गाड़ियाँ बचेंगी.

इस ट्वीट के बाद सुधीर चौधरी लगातार ट्रोल हो रहे है. माधुरी अग्रवाल नामक टि्वटर यूजर ने लिखा कि, मेरा ऐसा मानना नहीं है, बॉलीवुड में भी टैलेंट की कोई कमी नहीं, और ऎसी कई फ़िल्में है जिनमें समाज के अहम विषयों को कलाकारों ने बेहतरीन तरीके से दिखाया है, 83, दसवीं, परमाणु, शेरशाह, कश्मीर फाइल्स वगैरह, दक्षिण भारतीय फिल्में जरूरत से ज्यादा”नाटकीय” है एवं वास्तविकता से कोसों दूर!

विजय नामक यूजर ने सुधीर चौधरी को जवाब देते हुए लिखा कि, लगता है न्यूज़ मीडिया से बोर हो चुके है सुधीर जी, फिल्मो में आकर बॉलीवुड का उद्धार करना चाहते है. भाईसाहब हिंदी सिनेमा का टैलेंट अभी सूखा नहीं है, कुछ गन्दी मछलियों की वजह से ये तालाब गन्दा होता जा रहा है. ज़रूरत अभी गन्दी मछलियों को निकालने की है, न की पुरे बॉलीवुड को ताना देने की.

न्यूज़ डीजायर नामक यूज़र ने लिखा, प्रभास के बाहुबली के बाद दो मूवी आयी है वो फ्लॉप हुई है. RRR ने कमाई अच्छी की है लेकिन ऐसी मूवी बॉलीवुड वालो ने 90’s-2000’s में बनाके खत्म कर दिया था. KGF के सारे चैप्टर्स खत्म हो जाये तब बात करना बाहुबली के एक्टर जैसा हाल होगा. बॉलीवुड था, हैं और रहेंगा.

सुधीर चौधरी का जवाब देते हुए डॉ. सुधाकर यादव ने लिखा कि, और अब सबको जज करने के लिए तुम्हारे जैसे पालतू सरकारी द’लाल ही बचे हैं. आता जाता कुछ नही, निष्कर्ष निकालने में सबसे आगे. यही है न्यू इंडिया. गधे भी घोड़े बन बैठे हैं.

सुधीर चौधरी का जवाब देते हुए उनके ट्वीट पर दिव्यांग सानू नामक टि्वटर यूजर ने लिखा कि, आपके चैनल की बहस और मुद्दों की रिपोर्टिंग देखकर भी कुछ ऐसा ही महसूस होता हैं. न देश की चिंता हैं, न नीतियों का विश्लेषण हैं, न मुद्दों पर बातचीत हैं और न जनता से मतलब हैं.

हालांकि कुछ लोगों ने सुधीर चौधरी का समर्थन भी किया. विपुल सिंह नमक ट्विटर यूजर ने लिखा कि, बॉलीवुड और पत्रकारिता का पतन समांतर ही है! अफसोस पत्रकारिता का कोई दूसरा विकल्प नहीं.

अमित नामक टि्वटर यूजर ने लिखा कि, सुधीर चौधरी भाई बॉलीवुड वालो के पास पान मसाला, गुटखा, दा’रू इनके ऐड करने के अलावा कुछ काम नही बचा है. ये देश की जनता को क्या मैसेज देना चाहते हैं. ये बॉलीवुड वाले पैसों के लिऐ लोगो को गंदगी परोस रहे हैं.

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