Sunil Jakhar.

पंजाब के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है. आम आदमी पार्टी ने प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई है. कांग्रेस के नेता सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने कांग्रेस की हार की वजहों पर 1 न्यूज़ चैनल से चर्चा की है. उन्होंने कांग्रेस की हार को लेकर तमाम पहलुओं पर अपनी बेबाक राय रखी है.

सुनील जाखड़ ने कहां है कि, अगर नवजोत सिंह सिद्धू को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया जाता तो राज्य में बदलाव की आंधी रुक जाती. इसके अलावा उन्होंने कहा है कि हरीश रावत पूरी समस्या के सूत्रधार थे, उत्तराखंड में भगवान ने उनके साथ न्याय किया है.

सुनील जाखड़ ने कहा है कि, हार की वजह यह थी कि कुछ महीनों पहले बीमारी का आकलन सही किया गया, लेकिन दवाई गलत थी. चेहरा बदला, छवि नहीं बदल पाए. जिसे कमान दी गई उसे लोगों ने स्वीकार नहीं किया. लोगों ने जाति धर्म की राजनीति को नकार दिया. कांग्रेस ने वापसी का मौका खो दिया.

सुनील जाखड़ के मुताबिक कांग्रेस ने जिस चेहरे को कमान दी उसमें लोगों ने व्यवस्था में बदलाव नहीं देखा. पहले से भी बुरा विकल्प साबित हुआ. उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के पास अनुभव नहीं है, यह इनकी कमजोरी भी है और ताकत भी. शुरुआत में दिल्ली से ही सरकार चलेगी, लेकिन भगवंत मान को कुछ समय देना चाहिए.

सुनील जाखड़ ने कहा कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर नवजोत सिंह सिद्धू को मौका दिया जाता तो वह बेहतर साबित होते. बदलाव की आंधी को वह रोक सकते थे. शायद सबको साथ लेकर नहीं चल पाते, लेकिन उन पर भ्रष्टाचार और बादलों के साथ मिलीभगत के आरोप नहीं लगते.

सुनील जाखड़ ने कहा कि चन्नी को एक कार्ड की तरह पेश किया गया जो गलत था. क्या जुआ खेला जा रहा था? समस्या के जो सूत्रधार थे उनके साथ ऊपर वाले ने उत्तराखंड में न्याय किया. रावत साहब की चलाई मिसाइल कांग्रेस पर ही आकर गिरी. उन्होंने कहा मुझे लगता था कि नतीजों के बाद सिद्धू नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देंगे. अगर इस्तीफा नहीं दिया तो उन्हें अभी से संगरूर में जम जाना चाहिए जहां आने वाले समय में लोकसभा के उपचुनाव होंगे.

सुनील जाखड़ ने कहा है कि आम आदमी पार्टी वाले नौसीखिए हैं. यह पंजाब नहीं चला पाएंगे. पता नहीं उस्तरे से हजामत करेंगे या गला काटेंगे. कांग्रेस की वापसी की गुंजाइश है.

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