Sushant Sinha Modi

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद की सरकार द्वारा संसद में पास किए गए तीनों कृषि कानूनों (Agricultural laws) को वापस लेने का ऐलान कर दिया है इसके साथ-साथ उन्होंने देश की जनता से माफी भी मांगी है. एक के बाद एक फैसलों को लेकर विपक्ष और देश की जनता के दबाव में इस सरकार को झुकना पड़ रहा है यह लगातार दिखाई दे रहा है.

मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के फायदे मीडिया पिछले 1 साल से बता रहा था. मोदी सरकार के समर्थन में मोदी समर्थक पत्रकार भी आंदोलनकारी किसानों को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे. मोदी समर्थक पत्रकार जो खुद किसान नहीं है वह इन बिलों के फायदे बता रहे थे और किसानों को खालिस्तानी आतंकवादी तक बता रहे थे.

अब जब प्रधानमंत्री मोदी ने खुद यह ऐलान कर दिया है कि तीनों कृषि बिल वापस लिए जाएंगे ऐसे में इन बिलों के फायदे बताने वाले पत्रकार अब मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं. जो पत्रकार किसानों को बदनाम कर रहे थे, किसानों के खाने को लेकर, सोने को लेकर सवाल उठा रहे थे, वह शायद मुंह दिखाने लायक नहीं बचे है.

सुशांत सिन्हा (Sushant Sinha) को मोदी सरकार का और प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा समर्थक माना जाता है. वह सोशल मीडिया पर अक्सर विपक्ष को गलत तरीके से पेश करते हुए नजर आते हैं. किसानों के बारे में भी उन्होंने कई तरह की गलत टिप्पणी या पिछले कुछ महीनों में की है.

प्रधानमंत्री मोदी के तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के ऐलान के बाद सुशांत सिन्हा ने एक ट्वीट किया है उन्होंने लिखा है कि, देश ने छप्पन इंच के सीने वाला पीएम चुना था मोदी जी, कुछ के विरोध के सामने, सियासी नफा-नुक़सान देखकर एक बड़े वर्ग के समर्थन के बावजूद झुक जानेवाला पीएम नहीं.

आपको बता दें कि लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसानों की बड़ी जीत हुई है. मोदी सरकार ने किसानों के आगे घुटने टेके हैं. किसानों के साथ-साथ यह उनकी भी जीत है. जिन्होंने इस आंदोलन में अपनी जान तक दे दी. बता दें कि इन पत्रकारों ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से तथा टीवी पर बैठकर कृषि बिलों के फायदे बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. तथा इन्होंने आंदोलनकारी किसानों को बदनाम करने में भी अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी थी.

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