Congress

कांग्रेस (Congress) शासित राज्य राजस्थान के उदयपुर में आज से कांग्रेस के चिंतन शिविर की शुरुआत हो गई है. यानी कि आने वाले चुनावों से लेकर पार्टी में सुधारों तक पर चर्चा होगी. इस चिंतन शिविर में हिस्सा लेने के लिए राहुल गांधी सहित पार्टी के करीब 400 नेता पहुंचे हैं. इसी बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने चिंतन शिविर में होने वाली चर्चाओं को लेकर बड़ी बात कही है.

अजय माकन के अनुसार इस कार्यक्रम के बाद कांग्रेस संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव होंगे. साथ ही युवाओं का 50% से अधिक प्रतिनिधित्व होगा. अजय माकन ने कहा है कि उदयपुर घोषणा पत्र में हमारे सुझावों को स्वीकार करने के बाद आप कांग्रेस संगठन में बड़े पैमाने पर परिवर्तन देखेंगे. कई लोकतांत्रिक उपकरण अब विकसित किए गए हैं. हमें उनका उपयोग करना बाकी है. अब हम उपकरणों को अपनाएंगे. हमारी छोटी इकाई मतदान केंद्र है और उसके बाद ब्लॉक है. अब हमारे पास प्रत्येक ब्लॉक में 3 से 5 मंडल होंगे.

पूरे गाजे-बाजे के साथ कांग्रेस पार्टी राजस्थान के शहर उदयपुर में चिंतन शिविर करने के लिए जुटी हुई है. इस बैठक में पार्टी को मजबूत करने से लेकर बड़े बदलाव को लेकर चर्चा हो रही है. कांग्रेस को खस्ताहाल स्थिति से निकालने के लिए टॉप लीडरशिप 3 दिन मंथन करेगी. इस बैठक के जरिए कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विपक्ष को तथा मीडिया को भी बड़ा संदेश देने की तैयारी में है.

अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं

कांग्रेस चुनाव के दौरान ही सर्वेक्षण एजेंसियों को किराए पर लेती है. कांग्रेस के पास अब अपने पदाधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए एक अलग मूल्यांकन विंग होगा. अच्छा करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा, खराब प्रदर्शन करने वालों को दंडित किया जाएगा. अनुशासन के उल्लंघन को अब कांग्रेस गंभीरता से लेने वाली है. क्योंकि अब तक कांग्रेस के नेता बेलगाम होकर बयान बाजी करते रहे हैं, उनके ऊपर कार्यवाही का डर कहीं से कहीं तक नहीं दिखाई देता था.

बीजेपी को किन मुद्दों पर घेरने की तैयारी?

इस वक्त भारत भयावह आर्थिक असमानता का सामना कर रहा है. कांग्रेस का मानना है कि अमीरों की संपत्ति लगातार बढ़ रही है, गरीबों की संपत्ति कम हो रही है. ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भी इसकी पुष्टि हुई है. कांग्रेस का मानना है कि गिरती अर्थव्यवस्था के चलते भारतीय रुपया बेहद कमजोर हो रहा है. देश का कर्ज 2014 में 55 लाख करोड़ से बढ़कर 2022 में 135 लाख करोड़ रुपए हो गया है. देश के हर नागरिक पर लाखों का कर्ज है और 8 वर्षों में मोदी सरकार ने अपने मित्रों का 11 लाख करोड़ रुपए बैंक कर्ज माफ किया है.

कांग्रेस का मानना है कि पेट्रोलियम पदार्थों के दामों ने जनता की कमर तोड़ दी है. 75 सालों में पहली बार बेरोजगारी दर सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भी 8% पार कर चुकी है. दो करोड़ रोजगार हर साल देना तो दूर करोड़ों के रोजगार छिन गए हैं. किसानों की आय दोगुनी होना तो दूर, उपज की कीमत भी नहीं मिल रही है. दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, वंचितों और गरीबों के हक पर मोदी सरकार नाकाम रही है, उन पर अत्याचार हो रहा है. कांग्रेस यह स्पष्ट रूप से मानकर चल रही है कि चुनावों में प्रायोजित मुद्दों से जनता को भ्रमित किया जा रहा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here