Mohammed zubair Sushant sinha

सुशांत सिन्हा (Sushant sinha) उन तमाम पत्रकारों में शामिल है जो मोदी सरकार का चरण वंदन लगातार करते रहते हैं. और विपक्ष को हर वक्त कटघरे में खड़ा करके मोदी सरकार का बचाव जनता के सामने करते रहते हैं. सुशांत सिन्हा देश की हर समस्या के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार मानते हैं, अगर कुछ गलत होता है तो कांग्रेस जिम्मेदार है और सही होता है तो मोदी जी ने किया है ऐसी ही सोच दिखाई पड़ती है सिन्हा की.

कृषि कानून वापसी का ऐलान जब से प्रधानमंत्री मोदी ने किया है तभी से सुशांत सिन्हा अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा है. उनके वीडियोस देखने पर ऐसा लग रहा है कि वह रो देंगे. न जाने किसानों से कौन सी खुन्नस है कि किसानों की मांगे पूरी होने पर खुश होने की बजाएं वह लगातार बेवजह आंदोलनकारी किसानों पर बरस रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी के फैसले पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं.

इन सबके बीच अल्ट न्यूज़ के मोहम्मद जुबेर (Mohammed zubair) और सुशांत सिन्हा के बीच ट्विटर वार देखने को मिली. दरअसल सुशांत सिन्हा का एक पुराना ट्वीट वायरल हुआ है, जो 2015 का है. जिसमें वह किसानों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं. उन्होंने लिखा है कि जिस मुल्क में किसानों को सरकारों से अपनी जमीन की लड़ाई लड़नी पड़ती है वहां वकील को 5 करोड़ की फीस सरकारें खुशी से दे देती हैं.

सुशांत सिन्हा के इस ट्वीट को कोट करते हुए अल्ट News के मोहम्मद जुबेर ने उस पर लिखा “गिरगिट”.

मोहम्मद जुबेर का जवाब देते हुए सुशांत सिन्हा ने सारी हदें पार कर दी और जब अपने ही ट्वीट वायरल होने पर 2015 और 2021 में खुद में हुए बदलाव को देखा तो उन्हें खुद की असलियत ही सहन नहीं हुई और भाषा की मर्यादा भूल गए.

सुशांत सिन्हा ने ट्वीट करते हुए मोहम्मद जुबेर को जवाब दिया कि, जब इंसान पंचर बनाने का पुश्तैनी काम छोड़कर कुछ और करता है तो ऐसी गलतियां करता है. सरकार की आलोचना और सवाल पूछने के मेरे पुराने और कल तक के ट्वीट वीडियो निकालने की मेहनत में जनाब अपना ही एजेंडा ध्वस्त कर रहे हैं कि मोदी सरकार से तो सवाल पूछे ही नहीं जाते कभी. थैंक्यू. लगे रहो.

मोहम्मद जुबेर ने सुशांत का जवाब देते हुए लिखा कि, लगता है भाई साहब की हवा निकल गई. वैसे पंचर बनाने का पुश्तैनी काम तो दलाली, चापलूसी और तलवे चाटने से अच्छा है. गुलामी करनी नहीं पड़ती. अपना जमीर बेचने से तो मेहनत की पंचर ही बनाना अच्छा है.

आपको बता दें कि सुशांत सिन्हा ने जो ट्वीट किया उसकी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई है. सुशांत सिन्हा तर्कपूर्ण जवाब देने की जगह भाषा की मर्यादा पार करके एक बार फिर से साबित कर रहे हैं कि वह मोदी समर्थक हैं और उन्हें तर्कपूर्ण बातें करना बिल्कुल भी पसंद नहीं.

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